प्रांतीय वॉच

लोकल शराब कोचिओ के हौसले बुलंद, पुलिस उड़ीसा शराब को पकड़ थपथपा रही अपनी पीठ

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रवि सेन/बागबाहरा : महासमुन्द जिले में लॉक डाउन होने के बाद से अवैध मादक पदार्थो को सीमा पर रोकने की कवायद तेज हो गई जिसके बाद आये दिन महासमुन्द जिले के किसी न किसी थाने से उड़ीसा की शराब , गांजा , कफ सिरफ , एवम तम्बाखू युक्त जर्दा गुटखा जैसे मादक पदार्थो को पकड़ने की खबर थानों से आने लगी । थाना प्रभारियों द्वारा अपनी सक्रियता के जरिये कही फिल्मी स्टाइल में शराब से भरे लक्जरी कार पकड़े तो कही बाइक में अवैध मादक पदार्थों का परिवहन कर रहे आरोपियों को धर दबोचा । पुलिस सीमावर्ती क्षेत्रों से आने वाले मादक पदार्थो को पकड़ने में इतनी मशगूल हो गई कि लोकल के शराब कोचिये खुले आम शराब बेचने का काम कर रहे है । बागबाहरा अनुविभाग के अंतर्गत 3 थाना बागबाहरा थाना , कोमाखान थाना , तेंदुकोना थाना एवं 2 पुलिस चौकियां बुंदेली एवं टुहलु चौकी आती है इन पुलिस थानों एवं चौकियों से आये दिन उड़ीसा निर्मित कच्ची शराब एवं अंग्रेजी शराब के तस्करों को पकड़कर पुलिस अपनी पीठ थपथपाने में लगी हुई है जबकि लोकल के शराब कोचिये बेधड़क होकर शराब बेचने में लगे हुए । कोमाखान थाना से महज कुछ किलोमीटर की दूरी पर लगे महासमुन्द जिले के बहुचर्चित शराब बिक्री वाले नामचीन गांव में भी उड़ीसा निर्मित शराब की बेखौफ बिक्री होती है मगर पुलिस को शायद इस गांव के रास्ते ही नही पता है जिसके चलते यहाँ बेधड़क शराब बिक्री होती है वही जोक नदी से किनारे लगे ग्राम सिमगाव , राटापाली , बिंद्रावन , खट्टी , परसूली सहित टुहलु चौकी के वनांचल ग्रामो में महुआ शराब की बिक्री जोरो शोरो से चल रही है । तेंदुकोना थाना एवम बुंदेली चौकी अंतर्गत आने वाले ग्राम बढ़ाईपाली ,घोघरा , तेंदुकोना , बिराजपाली , शिकारिपाली , बुंदेली , लीलेसर , परसदा , बेल्दीहि , कोल्दा , छिन्दौली सहित दर्जनों गांवों में उड़ीसा वाली जेब्रा एवम महुआ शराब खुलेआम बिकने की बात ग्रामीण खुलेआम स्वीकारते है वही शोसल मीडिया एवं दूरभाष के माध्यम सूचना भी मुहैया कराते है लेकिन इन सूचनाओं को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है । आखिर क्या कारण है कि इतनी सूचनाओं के बाद लोकल के गुर्गों के ऊपर कार्यवाही नही होती है । इन लोकल गुर्गों पर कार्यवाही न होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर संदेह प्रदर्शित करता है ।

आबकारी विभाग शराब पकड़ने कर रहा दौरा – अवैध शराब की तस्करी को रोकने आबकारी अमला रोज क्षेत्र के दौरे पर तो निकलता है लेकिन शाम तक फिर खाली हाथ बिना कार्यवाही के लौट जाता है क्योकि अधिकारियों ने दौरा कर अपनी ड्यूटी तो बजा ली है बाकी शराब पकड़ने के लिए पुलिस विभाग तो बैठा ही है । बतादे की बागबाहरा ब्लॉक के टेमरी बार्डर पर आबकारी विभाग द्वारा जांच चौकी बनाया गया है ताकि अन्य राज्य से आने वाले मादक पदार्थो की तस्करी को बार्डर पर ही रोका जा सके लेकिन बार्डर पर तैनात आबकारी अमला हाथ पर हाथ धरे बैठे रह जाता है और कोमाखान पुलिस , बागबाहरा पुलिस एवं तेंदुकोना पुलिस तस्करों को उसी बार्डर में या बार्डर पार करने के बाद पकड़ लेता है । कुछ राजनीतिक दलों के नेताओ द्वारा लगातार आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जाते है वही उनका यह भी कहना है बार्डर पर तैनात आबकारी विभाग कर्मचारियों द्वारा सेटिंग कर तस्करों को पार करा दिया जाता है ।

कार्यवाही की जानकारी का नही रहता डाटा – अवैध शराब पर कार्यवाही के मामले पर जानकारी लेने आबकारी विभाग के जिला अधिकारी को संपर्क करने पर फोन नही रिसीव करते वही ब्लॉक प्रभारी के पास कार्यवाही के डाटा उपलब्ध नही होते और छोटे कर्मचारियों को जानकारी देने का अधिकार नही दिया जाता है ऐसे में कैसे आबकारी विभाग की अवैध शराब की कार्यवाही की जानकारी साझा होगी इस प्रकार जानकारी नही देना भी आबकारी वविभाग पर सवालिया निशान खड़े करता है ।

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