- एक सचिव कई ग्राम पंचायतों में 5 साल से ड़बल प्रभार में डटे हुए हैं…!!
- जिस पंचायत में डबल प्रभार पर सचिव डटे हुए हैं उस उन पंचायतों का बुरा हाल है…!!
- डबल प्रभार पर डटे हुए कई सालों हो गए सचिवों को जो कि डबल प्रभार पर आज भी डटे हुए हैं…!!
अक्कू रिजवी/कांकेर : जिला कांकेर के प्रशासन में वैसे तो बहुत विसंगतियां नहीं दिखती हैं लेकिन जहां तक ग्राम पंचायतों का प्रश्न है , वहां का प्रशासनिक सेट अप काफी ढीला ढाला दिखाई देता है, जिसकी सबसे खास वजह यह है कि 64 ग्राम पंचायतों के पीछे मात्र 50 ग्राम पंचायत सचिव पदस्थ हैं । निर्धारित संख्या से सचिवों की संख्या में भारी अंतर होने के कारण बहुत से सचिवों को डबल चार्ज में रहना पड़ रहा है , जिसके कारण कार्यभार अधिक हो जाता है और पंचायती राज संबंधी बहुत से आवश्यक कार्य विलंबित हो जाते हैं अथवा पेंडिंग में पड़े रह जाते हैं। सचिवों का डबल चार्ज उनके स्वयं के लिए लाभदायक हो सकता है किंतु जिले की आदिवासी बहुल जनता के लिए यह परेशानी ही है , क्योंकि लोगों के ज़रूरी से ज़रूरी कार्य भी अटक जाते हैं। सूत्र बताते हैं कि इनमें से कुछ ग्राम पंचायत सचिव वर्षों से डबल चार्ज में है और उन्हें किन्हीं अज्ञात कारणों से डबल चार्ज में ही लगातार रखा जा रहा है। इस विसंगति की ओर ध्यान दिलाए जाने पर कांकेर जनपद पंचायत की प्रभारी चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर सुश्री कल्पना ध्रुव ने बताया कि हमने ग्राम सचिवों की संख्या बढ़वाने हेतु प्रस्ताव बनाकर भेजा है किंतु ऊपर से कार्यवाही शायद तभी होगी , जब यह कोरोना काल बीत जाए , तब तक तो हमें इतने ही स्टाॅफ में काम चलाना है। उल्लेखनीय है की सुश्री कल्पना ध्रुव अभी हाल ही में सीईओ के प्रभार में आई हैं , जबकि ग्राम पंचायत सचिव पांच 5 साल से डबल चार्ज लिए बैठे हैं। क्या शासन से आशा की जाए कि यह विसंगति जल्दी से जल्दी दूर होगी और विभाग का काम सुचारू रूप से चलेगा।
सुश्री कल्पना ध्रुव ( अपर कलेक्टर )
प्रभारी सीईओ जनपद पंचायत कांकेर

