प्रांतीय वॉच

झोलाछाप डॉक्टरों पर छापामार कर कार्रवाई करने के कलेक्टर ने दिए निर्देश, अन्य राज्यों से आने वाले यात्रियों को देना होगा कोविड निगेटिव रिपोर्ट

Share this
  • साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक संपन्न

रवि मुदिराज/राजनांदगांव । कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने कहा कि कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए कंटेनमेंट जोन का कड़ाई से पालन किया जाना जरुरी है। कलेक्टर श्री वर्मा ने मंगलवार कलेक्टोरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में कोरोना संक्रमण के नियंत्रण के लिए अधिकारियों को निर्देशित कहा कि जिले में मितानिनों द्वारा लक्षण वाले सभी मरीजों को दवाईयों का किट वितरण कर मरीजों का तत्काल सैम्पल लेकर जांच कराई जाएं। उन्होंने कहा कि विकासखंड स्तर पर कोविड कंट्रोल रूम स्थापित करें। इसके माध्यम से होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीज को परेशानी होने पर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टर वहाँ के मरीजों को गुमराह कर रहे हैं, जिसके कारण उन्हें समय पर सही इलाज नहीं मिल पा रहा है। सभी बीएमओ अभियान चलाकर कार्रवाई करे। यह भी बात सामने आयी है कि उद्योग तथा फैक्ट्रियों में कार्य प्रारंभ है,। इन जगहों में आकस्मिक छापामार कर कोरोना प्रोटोकाल के पालन की जांच करें। टीकाकरण से संक्रमण दर में कमी आई है। कुछ क्षेत्रों में टीकाकरण के प्रति अफवाह फैलाई जा रही है। टीकाकरण भारत शासन द्वारा कोरोना के विरूद्ध लड़ाई का अहम हथियार है। इसके विरूद्ध दुष्प्रचार करने वालों पर शासकीय योजनाओं में बाधा डालने के लिए महामारी एक्ट के उल्लंघन के तहत कार्रवाई करें। ग्रामीण क्षेत्रों में कंटेनमेंट जोन का कड़ाई से पालन किया जाए। जिन गांवों में केस नहीं है वहां नये केस नहीं आनी चाहिए।
कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि कोविड टेस्टिंग, कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग लगातार होनी चाहिए। किसी भी जगह भीड़ नहीं हो। कंटेनमेंट जोन में दुकान खोलने पर दुकान सील व एफआईआर की कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा 2 महीना नि:शुल्क राशन वितरण किया जा रहा है, इसके भण्डारण की व्यवस्था कर ली जाए। राशन वितरण के समय पीडीएस दुकानों में कोरोना प्रोटोकॉल का पालन होना चाहिए। जिले में शादियां हो रही हैं, इन जगहों पर अचानक निरीक्षण कर प्रोटोकॉल पालन की जानकारी लें।शासन के निर्देशानुसार अन्य राज्यों से आने वाले यात्रियों का 72 घंटे की निगेटिव रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य है। सीमावर्ती क्षेत्रों में इसका सख्ती से पालन किया जाए। अन्य राज्यों से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति का कोविड टेस्ट होने के बाद ही प्रवेश दिया जाए। सीमा के सभी रास्तों मेें टीम तैनात कर कड़ी निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि जिले में वनवासियों द्वारा लघुवनोपज का संग्रहण किया जाता है। उनके द्वारा वनोपज का संग्रहण करते समय सोशल डिस्टेसिंग, मास्क लगाना तथा कोरोना प्रोटोकाल का पालन करना अनिवार्य है। जिन घरों में कोरोना के मरीज हैं उनके घर के अन्य सदस्य वनोपज का संग्रहण नहीं करें। इसके लिए वन विभाग के साथ मितानिनों को आपसी समन्वय कर निगरानी करने कहा है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी ने कहा कि होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीज प्रोटोकॉल का गंभीरता से पालन करें,। यह सुनिश्चित होनी चाहिए। वीडियो कान्फ्रेस के जरिए सभी एसडीएम, जनपद सीईओ, सीएमओ एवं बीएमओ जुड़े रहे। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत अजीत वसंत, अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, नगर निगम आयुक्त आशुतोष चतुर्वेदी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी, एसडीएम राजनांदगांव मुकेश रावटे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

 

Share this

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *