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रायपुर AIIMS की दूसरी मंजिल से कूदकर युवक ने दी जान, पत्नी ने भी की आत्महत्या की कोशिश

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रायपुर : रायपुर AIIMS कोरोना के इलाज का सबसे बड़ा केंद्र भी है। यहां पिछले सात-आठ महीनों में तीन लोग आत्महत्या कर चुके हैं।
रायपुर AIIMS में भर्ती बलौदा बाजार के एक मरीज दिलीप कुमार ने दूसरी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली है। 26 साल का यह मरीज कोरोना के लक्षणों के साथ सोमवार को ही भर्ती कराया गया था। उसकी पत्नी ने भी छत से कूदकर जान देने की कोशिश की है। हालांकि अस्पताल कर्मियों ने उसे ऐसा करने से रोक लिया।

AIIMS प्रबंधन की ओर से बताया गया, 26 अप्रैल को कोविड-19 के लक्षणों वाले बलौदा बाजार के एक पुरुष रोगी को एडमिट किया गया था। उसे 27-28 अप्रैल की रात उसे NIV पर रखा गया। उसकी पत्नी और अस्पताल का दूसरा स्टाफ भी वहीं मौजूद था। रात करीब 2.30 इस रोगी ने डी ब्लॉक की दूसरी मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। उसे तुरंत इमरजेंसी ले जाया गया परंतु रोगी की जान नहीं बचाई जा सकी।

प्रबंधन की ओर से बताया गया कि मरीज की पत्नी ने भी छत से ही कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया मगर कर्मचारियों ने उसे रोक लिया। सूचना पर पहुंची आमानाका पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। बताया जा रहा है कि मरने वाला युवक बलौदा बाजार के एक गांव में रोजगार सहायक था। आत्महत्या की वजह अभी सामने नहीं आई है।

मौत के बाद रिपोर्ट आई निगेटिव

बताया जा रहा है, बलौदा बाजार से दिलीप कुमार को लगातार बुखार के बाद AIIMS लाया गया था। उसे कोरोना का संदेह था। मरीज की मौत के बाद उसकी कोरोना रिपोर्ट आई। उसे निगेटिव बताया गया। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि औपचारिकताओं के बाद मरीज का शव उसके परिजनों को सौंप दिया गया है।

तीन मरीज पहले भी कर चुके आत्महत्या

कोरोना का प्रकोप शुरू होने के बाद रायपुर AIIMS में भर्ती तीन मरीज आत्महत्या कर चुके हैं। अगस्त और नवम्बर 2020 में कोरोना से पीड़ित दो बुजुर्ग रोगियों ने वार्ड की खिड़की से कूदकर आत्महत्या की थी। जनवरी में एक कैंसर पीड़ित युवक ने सर्जरी वार्ड की खिड़की से कूदकर जान दी थी। रायपुर AIIMS के निदेशक डॉ. नितिन एम. नागरकर ने दावा किया कि मरीजों में आत्महत्या की प्रवृत्ति को रोकने के लिए एक कमेटी बनाई गई है। उसके सुझाव पर अमल कर अब तक 6 लोगों को आत्महत्या से रोकने में सफलता मिली है।

वार्ड की सभी खिड़कियों पर जाली लगवा रहा है AIIMS

प्रो. नागरकर ने बताया, AIIMS इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है कि रोगी किसी भी हालत में आत्महत्या जैसा घातक कदम न उठाएं। प्रत्येक जीवन महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि AIIMS की 700 खिड़कियों पर जाली लगाने का कार्य प्रगति पर है और शीघ्र ही इसे पूरा कर लिया जाएगा।

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