बालकृष्ण मिश्रा/सुकमा : जिले को मलेरिया मुक्त बनाने के लिए हर उम्र के लोग अपनी जागरुकता से अपना योगदान दे रहे हैं। कोरोना वारियर्स के साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, गांव के बड़े बुजुर्ग एवं बच्चे भी मलेरिया को जड़ से खत्म करने के लिए अपना महत्वपूर्ण योगदान कर रहे है। और दूसरों को भी प्रोत्साहित कर रहे हैं। जिलेवासी मलेरिया के प्रति जागरुक हुए हैं। मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में किए गए बेहतर कार्य के परिणाम है कि गत वर्ष 2020 में जिले का एपीआई 11.7 रहा। जो पिछले चार वर्षों में न्युनतम है। वर्ष 2017 में जिले का एपीआई 56.7, 2018 में 49.4, 2019 में 29.8 था। वर्तमान में प्रदेश का एपीआई 1.97 है। विश्व स्वास्थ्य संगठन एवं भारत सरकार ने वर्ष 2030 तक देश में शून्य एपीआई का लक्ष्य रखा है।
मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान का मिला सफल परिणाम
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा शुरु की गई मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान के अंतर्गत सुकमा जिले में मलेरिया की जांच स्वास्थ्य विभाग के टीम द्वारा घर-घर जाकर व्यक्तियों के खून की जांच की गई तथा मलेरिया पाॅजिटीव पाये जाने पर प्रभावित व्यक्तियों का निःशुल्क उपचार किया गया। दुर्गम क्षेत्र और विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा उबड़-खाबड़ रास्तों और नदी-नालों को पारकर जिले के दुर्गम गांवों में पैदल चलकर पहुंचे और घर-घर जाकर मलेरिया की जांच की। अभियान के तहत प्रथम चरण में 2 लाख 86 हजार 209 लोंगों की जाँच की गई जिसमें 16 हजार 599 पाजिटिव प्रकरण सामने आए, द्वितीय चरण में 2 लाख 89 हजार 796 की जाँच की गई जिसमें 4126 व्यक्ति पाजिटिव पाए गए और तृतीय चरण में 1 लाख 35 हजार 679 लोंगों में 2254 व्यक्ति पाॅजिटिव पाए गए। मलेरिया प्रभावित सभी व्यक्तियों का निःशुल्क दवाई दिया जाकर उपचार किया गया। मलेरिया मुक्त अभियान के सफलता से न केवल मलेरिया की दर में कमी आई बल्कि एनीमिया, कुपोषण, शिशु एवं मातृ-मृत्यु दर में कमी लाने में भी सफलता मिली है।
मलेरिया के लक्षण आने पर तुरंत ले चिकित्सीय परामर्श
व्यक्ति को अचानक तेज़ सिर दर्द व तेज बुखार आना, मांसपेशियों तथा जोड़ो में दर्द होना, आँखों के पीछे दर्द होना जो आँखों को घुमाने से बढ़े, जी मचलना एवं उल्टी होना, गंभीर मामलों में नाक, मुँह, मसूड़ों से खून आना, त्वचा पर चकते उभरना। ऐसी किसी भी स्थिति में तुरंत चिकित्सीय परामर्श लें।
मलेरिया से बचाव के लिए करें ये उपाय
सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें, घर के अन्दर, नालियों, टायलेट आदि में मच्छरनाशक दवा का छिड़काव करें, ऐसे कपड़े पहने जो पूरी तरह बदन को ढंकें, घर भवन आदि की खिड़कियों एवं दरवाजों में बारीक जाली लगवाएं। घर के आासपास पानी इकट्ठा ना होने दे, कूलर, घड़े आदि को बार बार साफ करना चाहिए।

