रायपुर। छत्तीसगढ़ चेम्बर आफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी, महामंत्री अजय भसीन एवं कोषाध्यक्ष उत्तम गोलछा ने एक पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि प्रदेश में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा व्यापारी वर्ग के साथ साथ आम नागरिकों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से प्रदेश में लॉकडाउन किया गया, जो कि उस समय आवश्यक था। चेम्बर ने इस निर्णय की सराहना की और शासन का पूरा सहयोग किया। विदित हो कि प्रदेश में पिछले दो चरणों को मिलाकर 17 दिनों से लॉकडाउन है जिससे कि राज्य की आर्थिक गतिविधियां रूकी हुई हैं। व्यापारी वर्ग को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। छोटे व्यापारी, मध्यम वर्ग एवं मजदूर वर्ग परिवारों को इस समय कठिनाई के दौर से गुजरना पड़ रहा है। आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई चैन की स्थिति बिगड़ती जा रही है। चेम्बर अध्यक्ष पारवानी ने कहा कि लॉकडाउन होने के कारण व्यापारी वर्ग को घर का खर्च, दुकान का किराया, घर एवं दुकान का बिल, दुकान के कर्मचारियों का वेतन, बैंक का ब्याज, दुकान का ईएमआई, बच्चों के स्कूल का फीस, जीएसटी एवं टैक्स का भुगतान, दवाई का खर्च एवं अन्य फुटकर खर्च के लिए पैसे की आवश्यकता होती हैं। पूर्ण लॉकडाउन के कारण पैसे की आवक नहीं हो रहा है। जबकि ये खर्च अति आवश्यक है।
पारवानी ने आगे कहा कि व्यापारी वर्ग अभी भी कोरोना के पहली लहर से हुए नुकसान से अभी तक नहीं उबर पाया है और उसे दूसरी लहर से भी काफी नुकसान हो रहा है। होटल और रेस्टोरेंट व्यवसाय वालों का तो पूरी तरह से व्यापार बंद है। उन्हें कम से कम टेक अवे के साथ व्यवसाय आरंभ करने दिया जाना चाहिए। पूर्ण लॉकडाउन को आगे ना बढ़ाते हुए सभी व्यापार एवं व्यवसाय के लिए समय तय कर दिया जाना चाहिए। अनुरोध है कि लॉक डाउन के निर्णय पर पुर्नविचार करते हुए दोपहर 3 बजे तक व्यापार करने की अनुमति दी जावे, जिससे महामारी नियंत्रण के साथ साथ आर्थिक गतिविधियां भी चलती रहें और साथ ही आम नागरिकों भी राहत मिले। आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई वाले व्यापार एवं को अनलॉक के प्रथम 2 दिन तक पूरे दिन तक व्यापार का समय दिया जाये ताकि जो सप्लाई चैन प्रभावित हुई है सामान्य हो सके। जिसके बाद तीसरे दिन से अन्य व्यापार एवं व्ययसाय की तरह सभी को 3 बजे तक व्यापार करने दिया जाये।
26 अप्रैल से सीमित समय व्यापार-व्यवसाय करने देने की मांग, चेम्बर ऑफ कामर्स ने मुख्यमंत्री को पत्र के माध्यम से कराया अवगत

