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बाजपेयी जी के आदर्शों को भूलकर राजनीतिक रोटी सेकने में लगे हुए हैं रमन सिंग : द्वारिकाधीश

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  • पूर्व मुख्यमंत्री की बयानबाजी पर द्वारकाधीश का करारा प्रहार
रवि सेन/बागबाहरा : छत्तीसगढ़ शासन के संसदीय सचिव एवं खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के द्वारा किए जा रहे सीधे हमलें पर पलटवार करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी के नेतागण, भारत के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेयी जी के आदर्शों को पूरी तरह से भुला बैठे। जहां बाजपेयी जी ने स्पष्ट कहा था कि राष्ट्रधर्म सर्वोपरि है, और हम विपत्ति काल में विपक्ष में रहते हुए भी सदैव सत्ता पक्ष के साथ खड़े रहेंगे। लेकिन आज उनकी पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के नेता पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह इस कोरोना महामारी काल में जिसका तात्कालिक कोई अंत भी नजर नहीं आ रहा है, उसके  संक्रमण काल में अपनी राजनीतिक रोटी सेकते हुए  भूपेश सरकार  की कमियां निकालते हुए नजर आ रहे हैं |
लेकिन क्या पूर्व मुख्यमंत्री को केंद्र शासन की मुनाफाखोरी नजर नहीं आ रही है? आज जब केंद्र सरकार कोविड-19 की वैक्सीन की कीमतों में भाई भतीजावाद की नीति अपना रही है। उस पर पूर्व मुख्यमंत्री क्यों कुछ नहीं बोल रहे हैं? जबकि इस विपत्ति काल में उन्हें अपने पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व जिसकी केंद्र में सरकार है उनसे  बात करके सही कीमतों पर छत्तीसगढ़ राज्य  को कोरोना का वैक्सीन दिलाने में प्रयास करना चाहिए |
इससे स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ कि जिस सवा २ करोड़ जनता ने उन्हें १५ साल तक सत्ता सौपी थी उन्हीं के उपकारों को भूल कर आज रमन सिंह इस मुसीबत के वक्त में भी राजनिति करने में लगे हुए हैं |
 छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 18 वर्ष से अधिक आयु वालों के टीकाकरण की मांग की| तब भी रमन सिंह मौन थे|  18 वर्ष से 45 वर्ष तक के नागरिकों के वैक्सीनेशन की मांग को मंजूरी देकर जब  केंद्र में बैठी हुई नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार भाई भतीजावाद का प्रयोग करते हुए ऐसी वैक्सीन  नीति लेकर आ गई जिससे राज्य शासन के ऊपर वैक्सीन की कीमतों का अधिक बोझ पड़ेगा,तब भी पूर्व मुख्यमंत्री मौन है|
डाक्टर साहब क्यों इन विषयों पर अपनी पार्टी के आला नेताओं से बात नहीं करते? जब हमारे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल  की मांग पर केंद्र ने 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लिए वैक्सीनेशन की मंजूरी दे दी और साथ ही जब हमारे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल  ने पूर्ण निशुल्क टीकाकरण की घोषणा भी कर दी | तो क्या यह आभार और धन्यवाद यह प्रशंसा योग्य बातें नहीं थी।
लेकिन नहीं, पूर्व मुख्य मंत्री  तो केवल निजी राजनितिक स्वार्थ  के चक्कर में फसकर के मानवता का धर्म ही भुला बैठे हैं और अपनी राजनीति वाली दुकान संभालने के चक्कर में नजर आ रहे हैं |
भूपेश बघेल और उनकी टीम की जब 18 वर्ष से अधिक आयु वालों के वैक्सीनेशन की मांग पूरी हुई रमन सिंह  को इस प्रयास में प्राप्त हुई सफलता को लेकर भूपेश बघेल की सरकार को बधाई  देनी चाहिए थी। लेकिन रमन सिंह  ऐसा कुछ करते हुए नजर नहीं आ रहे हैं। बल्कि वे तो अटल जी के आदर्शों को पूरी तरह से भूलाकर, इस घोर विपत्ति काल में भी  राज्य शासन की टांग खींचते हुए नजर आ रहे हैं।
अपनी जिम्मेदारी निभाने में भूपेश सरकार मुस्तैद 
श्री यादव ने कहा कि हमारे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने  18 वर्ष से 45 वर्ष के सभी छत्तीसगढ़ वासियों को मुफ्त टीकाकरण उपलब्ध कराने कि घोषणा करके यह साबित कर दिया कि  जिम्मेदार सरकार ऐसी होती है|
श्री यादव ने कहा  कि बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने फ्री टीकाकरण का वादा किया था लेकिन हमेशा की तरह मोदी सरकार अपने वादों से मुकर गई । नौजवानों के ऊपर 18 से 45 वर्ष के लोगो के वैक्सीनेशन टीके के व्यय का बोझ मोदी सरकार ने डाला । लेकिन उसको भूपेश सरकार ने अपने सिर पर लेकर लेकर जन जन तक राहत पहुचाने का काम किया है। यही कांग्रेस का मॉडल है,यही भूपेश बघेल का छतीसगढ़ मॉडल है। यही भूपेश बघेल का छतीसगढ़ मॉडल है। और अन्य भाजपा जैसी पार्टियों को भूपेश सरकार के दिखाए हुए मार्ग का अनुसरण करना चाहिए| ताकि इस कोरोना नामक विपदा से जल्दी से जल्दी निपटा जा सके और देश के नागरिकों को सुरक्षित किया जा सके |
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