प्रांतीय वॉच

लॉकडाउन में हितग्राहियों को पेंशन नहीं जरूरत के सामान के लिए हाथ फैलाने को मजबूर

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टीकम निषाद/ देवभोग : पंचायत के ग्रामीणों और प्रशासन के बीच की कड़ी ग्राम पंचायत सचिव को माना जाता है। लेकिन ग्राम पंचायत नयापारा के सचिव अपनी भूमिका से निभाना छोड़कर पेंशन धारियों को इस आपदा के समय प्रशासन के भरोसे छोड़ रखा है। तभी महीनों से पेंशन धारी अपने  सामाजिक वृद्ध विधवा सहित अन्य पेंशन के लिए काफी जद्दोजहद कर रहे हैं । नयापारा पंचायत के पेंशन धारी हितग्राहियों की माने तो पंचायत सचिव कभी-कभार आते हैं। और पंचायत में चंद मिनट बैठ कर लौट जाते हैं। जिसके चलते पेंशन नहीं मिलने की जानकारी से अवगत नहीं करा पाते और कुछ हितग्राही अवगत कराने पर ऑनलाइन पेंशन जमा होने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। शायद यही वजह है कि महीनों से पेंशन के लिए 60 से 80 साल के बुजुर्ग भटक रहे हैं। जबकि यह पेंशन के सहारे अधिकांश हितग्राही गुजर बसर करते हैं ।80 वर्षीय रघु सिंह माझी ने बताया कि कई महीनों से पेंशन नहीं मिल रहा है। जिसे लेकर ग्राम पंचायत सचिव को अवगत कराया गया लेकिन सचिव द्वारा जनपद अधिकारियों को अवगत कराने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया ।तब से लेकर आज तक ना पेंशन का पता है ना सचिव के दर्शन हो रहे हैं। इसी तरह गुंजो बाई ने भी बताया की  बीते 6 माह से पेंशन नहीं मिला है स्वयं बैंक मित्र के समक्ष जाकर खाता जांच कई बार करा चुके हैं लेकिन हर बार की तरह पेंशन राशि जमा नहीं होने की बात कही जाती है । ऐसे ही  गांव के कई हितग्राहियों को दो से तीन माह का पेंशन नहीं मिल पाया है। जबकि लॉकडाउन को मद्देनजर रखते हुए पंचायत प्रतिनिधियों के साथ-साथ सचिव को भी जिला बंद होने से पहले पेंशन राशि दिलाने के लिए गुहार लगाया गया रहा। ताकि लॉकडाउन के दौरान किसी के समक्ष हाथ फैलाने की नौबत ना आए। लेकिन आखिरकार पंचायत सचिव की उदासीनता के चलते पंचायत के पेंशन धारियों को समय पर पेंशन नहीं मिल पाया । जबकि शासन द्वारा हर माह पेंशन की राशि जारी किया जाता है। फिर भी पेंशन नहीं मिल पाता और इससे जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ जिम्मेदार अधिकारी भी अच्छी तरह अवगत होते हैं। लेकिन कार्यवाही तो दूर की बात हितग्राहियों की पूछ परख  तक नहीं हो पाती। मतलब मुख्यालय से कोसों दूर होने का फायदा इन दिनों  उदासीन सचिव जमकर उठा रहे हैं।तभी  हितग्राहियों द्वारा ग्राम पंचायत सचिव से सवाल करने पर जनपद अधिकारियों के ऊपर लाद कर अपने जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लेते हैं। इसी का नतीजा है कि आज महीना दर महीना बीतने को है। लेकिन पेंशन हितग्राहियों के हाथ नहीं लग पाया है। जिसके चलते जरूरत की छोटी-छोटी चीज भी लॉकडाउन से पहले नहीं लिया जा सका जिससे आक्रोश पेंशन हितग्राही लॉकडाउन के बाद सीधा जिला पंचायत सीईओ को पत्राचार के माध्यम से अवगत कराते हुए पेंशन दिलाने की मांग करने की बात कही है।
भोज नाथ भाटी सचिव ग्राम पंचायत नयापारा : पेंशन सबको दिया जा रहा है और जिसके खाते में ऑनलाइन नहीं आया है इसकी जानकारी नहीं है
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