
(पांडुका नवापारा राजिम रायपुर ब्यूरो) महेंद्र सिंह ठाकुर l भारत को मदर आफ डेमोक्रेसी बनाने का सारा श्रेय बाबा साहब अंबेडकर को जाता है जिन्होंने हमेशा सामाजिक समरसता की भावना को भारत ही नहीं विश्व पटल पर पहुंचाया उनको हम सब नमन करते हैं उक्त बातें प्राइवेट कॉलेज अभनपुर में केमिस्ट्री की व्याख्याता सुश्री पिंकी जोशी ने कही। 14 अप्रैल सन 1891बाबा साहब अंबेडकर का जन्म महू मध्यप्रदेश में हुआ था बचपन से विलक्षण बुद्धि मेहनत के बल पर वे सफलता की सीढ़ियां चढ़ते चले गए स्वतंत्रता के पश्चात भारतीय संविधान निर्माता का खिताब इन्हीं को मिला कानून मंत्री भी रहे। राजिम विधायक अमितेश शुक्ल ने कहा बाबा साहब अंबेडकर स्वतंत्र भारत के स्वप्न दृष्टा थे सामाजिक समानता और समाजिक समरसता के लिए इन्होंने आजीवन कार्य किया इनके 130वी जयंती पर नमन। राजिम क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य चंद्रशेखर साहू ने कहा सामाजिक समानता सामाजिक न्याय को लेकर बाबा साहब अंबेडकर हमेशा सजग रहे और इसका पूरी तरह से समावेश भारतीय संविधान में किया जो विश्व में सर्वोत्तम है भाजपा इसलिए इनके जन्मदिन को समरसता दिवस के रूप में पूरे देश में मनाती है श्रद्धा से हम सब इन्हें नमन करते हैं। छत्तीसगढ़ साहित्य जगत के जाने-माने साहित्यकार पांडुका के कवि लेखक पुरुषोत्तम चक्रधारी ने कहा भारत को विश्व पटल में इसके संविधान और प्रजातंत्र के कारण जाना पहचाना जाता है इसके सूत्रधार बाबासाहेब आंबेडकर थे कठिन परिस्थितियों से लड़ने की प्रेरणा बाबा साहब से ही हमें मिलती है याद करके मन प्रफुल्लित होता है नमन करते हैं। नगर के युवा कपड़ा व्यापारी और भाजपा नेता नागेंद्र साहू ने कहा बाबा साहब हमेशा युवा पीढ़ी के प्रेरणा स्रोत रहेंगे क्योंकि उन्होंने अपने युवा अवस्था में बेहद विषम परिस्थिति और कठिनाई को पार करते हुए भारत के स्वप्न दृष्टा बने ऐसे संविधान की रचना मैं योगदान दिया जो पूरे विश्व में बेमिसाल है नमन करते हैं।
