रायपुर : सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) और प्रादेशिक लोकसंपर्क कार्यालय (आरओबी), रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में आज, 08 अप्रैल, 2021 (गुरूवार) को दोपहर 12.00 बजे से 01.00 बजे तक ‘कोरोना संक्रमण और टीकाकरण विषयक जागरूकता’ पर एक वेबिनार का आयोजन किया गया । इस वेबिनार में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के फील्ड अधिकारियों के अलावा नेहरू युवा केन्द्र तथा राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवक, लोक कलाकार और छात्र-छात्राएं इस वेबिनार में शामिल हुए । मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (मेकाहारा), रायपुर के विशेषज्ञ चिकित्सक, डॉक्टर ओ.पी. सुंदरानी और छत्तीसगढ़ शासन की संयुक्त संचालक जनसंपर्क और कोविड मीडिया समन्वयक, श्रीमती हर्षा पौराणिक ने वेबिनार को संबोधित किया ।
वेबिनार को संबोधित करते हुए डॉक्टर ओ.पी. सुंदरानी, विशेषज्ञ चिकित्सक, मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (मेकाहारा), रायपुर ने कहा कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर काफी घातक है और स्थिति भयावह है । महामारी के पहले दौर में लोग जागरूक थे, लेकिन उसके बाद लोग लापरवाह हो गए हैं । इस दौरान जिनकी इम्यूनिटी अच्छी थी वे संक्रमित होने के बाद भी इस बीमारी की भयावहता से तो बच गए, लेकिन उन्होंने बच्चों को बड़े बुजुर्गों को संक्रमित कर दिया । इसी वजह से हमें आज इस स्थिति का सामना करना पड़ रहा है । इसके अलावा लोग टेस्ट कराने में भी लापरवाही बरत रहे हैं ।
डॉक्टर सुंदरानी ने बताया कि यदि मरीज का ऑक्सीजन लेवल 94 या 94 से कम है तो तुरंत अस्पताल में भर्ती हो जाना चाहिए । अगर इसमें देर हो गयी तो मरीज के बचने की संभावना कम हो जाती है । लोगों को समझना होगा कि एक रात में आईसीयू के डॉक्टर नहीं बनाए जा सकते । कम से कम 40 वर्षों के अनुभव के बाद ही एक डॉक्टर आईसीयू के मरीज के इलाज कर पाने में सक्षम हो पाता है । उन्होंने कहा कि आईसीयू के बेड तो बढ़ाए जा सकते हैं लेकिन डॉक्टर नहीं । यदि मरीजों की संख्या बढ़ेगी तो कहीं न कहीं क्वालिटी से कम्प्रोमाइज़ करना पड़ेगा ।
डॉक्टर सुंदरानी ने कहा कि यदि एंटीजन टेस्ट पॉजिटिव आता है तो पीसीआर टेस्ट नहीं कराना चाहिए । एंटीजन टेस्ट के पॉजिटिव आने के बाद मरीज को तुरंत ही आइसोलेट हो जाना चाहिए । यदि एंटीजन टेस्ट निगेटिव हो और सिमटम्स कोरोना के हों, तो भी मरीज को आइसोलेट हो जाना चाहिए और पीसीआर टेस्ट कराना चाहिए । उन्होंने कहा कि सभी पात्र लोगों को वैक्सीनेशन जरूर करना चाहिए । कई लोगों का कहना है कि वैक्सीनेशन के बाद भी कोविड हो सकता है । हां, वैक्सीनेशन के बाद भी कोविड हो सकता है, लेकिन मरीज को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि मरीज को बहुत ही माइल्ड कोविड इन्फेक्शन ही होगा । उन्होंने कहा कि इस बीमारी से बचने एक मात्र उपाय है- वैक्सीनेशन और कोविड उचित व्यवहार ।
इस अवसर पर श्रीमती हर्षा पौराणिक, संयुक्त संचालक जनसंपर्क और कोविड मीडिया समन्वयक, छत्तीसगढ़ शासन ने कहा कि कोविड महामारी को हराने के लिए हमें एक जन-आंदोलन खड़ा करना होगा, तभी हम इस महामारी से निपट सकते हैं, नहीं तो स्थिति काफी भयावह हो सकती है । यदि हम आज नहीं संभले, तो बहुत देर हो जाएगी ।
श्रीमती पौराणिक ने बताया कि अब प्रदेश में अब तक, 34 लाख, 36 हजार लोगों को वैक्सीन की पहली खुराक दी जा चुकी है । इनमें से 26 लाख से अधिक लोग 45 वर्ष से अधिक उम्र के हैं । उन्होंने बताया कि यूनीसेफ और विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार वैक्सीनेशन के बाद भी कोविड उचित व्यवहार का पालन करना नितांत आवश्यक है ।
श्रीमती पौराणिक ने कहा कि कुछ लोगों द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से कोविड वैक्सीनेशन के खिलाफ दुष्प्रचार और भ्रम फैलाया जा रहा है । हमें उन मैसेजेस को बिना सोचे समझे फारवर्ड नहीं करना चाहिए । उन्होंने बताया कि राज्य और केन्द्र सरकार संयुक्त रूप से मीडिया के सभी माध्यमों द्वारा इस भ्रम को दूर करने का प्रयास कर रही है ताकि लोगों तक सही जानकारी पहुंच सके ।
इस मौके पर पत्र सूचना कार्यालय, रायपुर के सहायक निदेशक, श्री सुनील कुमार तिवारी ने कहा कि इस वेबिनार में विशेषज्ञों के माध्यम से जो जानकारी मिली है, उसे स्वयं तक सीमित न रखकर, हमें समाज के सभी लोगों को बताना चाहिए, उन्हें जागरूक करना करना चाहिए । उन्होंने वेबिनार में शामिल सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया ।
वेबिनार के दौरान पूछे गए प्रश्नों एवं जिज्ञासाओं का समाधान अतिथि वक्ताओं द्वारा किया गया । वेबिनार का संचालन, प्रादेशिक लोकसंपर्क कार्यालय (आरओबी), रायपुर के कार्यालय प्रमुख, श्री शैलैष फाये ने किया ।

