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कोरोना काल में मास्क व सेनेटाइजर का फर्जी बिल लगाकर लाखो रुपये का किया गया भ्रष्टाचार

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  • ग्रामीणों के आवेदन पर जांच टीम पहुंची जरगाव 2018 के पहले के पंचायत में कागजात नही मिलने से  भड़के ग्रामवासी
यामिनी चंद्राकर/ छुरा : सरकार द्वारा ग्राम पंचायत के लोगो को बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराने के लिये ग्राम पंचायतों को मूलभूत योजना के साथ 14 वे वित्त योजना के तहत भारी भरकम राशि प्रदान की जाती है ताकि ग्राम में साफ सफाई,नलजल,सड़क,नाली, की साथ छोटी मोटी जरूरतों को पूरा किया जा सके लेकिन ग्राम पंचायत में चुन के आये जन प्रतिनिधियों द्वारा जनता के हित के लिए आये पैसो पर किस कदर लूट मचाये है इसका जीता जागता उदहारण देखने को मिला छुरा ब्लाक के ग्राम पंचायत जरगाव में जहा वर्तमान सरपंच और पूर्व सरपंच द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए शासकीय राशि पर जमकर डाका डाला गया है ग्राम पंचायत जरगाव में सरपंच द्वारा बिना पंचो के सहमति लिए बगैर पंचायत प्रस्ताव के कागजो में फर्जी काम दर्शा कर लाखो रुपये का बंदरबाट कर लिए जिसकी लिखित शिकायत ग्राम पंचायत जरगाव के ग्रामवासियो द्वारा गरियाबंद जिला के जिलाधीश नीलेश क्षीरसागर से मुलाकात कर पंचायत में हुए भ्रष्टाचार की शिकायत करते हुए निष्पक्ष जांच कराने मांग की गई थी जिसमे छुरा जनपद से शनिवार को जांच दल ग्राम पंचायत जरगाव पहुची जहा समस्त शिकायतकर्ता व ग्रामीणों की उपस्थिति में जांच प्रारंभ की गई इस दौरान ग्राम पंचायत जरगाव के सरपंच द्वारा ग्राम पंचायत में लगाये गए बिल को ग्रामीणों और पंचो ने फर्जी बताते हुए विरोध किया ग्रामीणों का कहना है कि सरपंच द्वारा फर्जी बिल लगाकर राशि का आहरण किया गया है जांच अधिकारियों द्वारा समस्त बिल को एक एक करके पढ़कर सुनाया गया जिसमें 48000 रुपये  निषाद ट्रेलर एवं कपड़ा दुकान को मास कपड़ा खरीदी बताया गया,160,000 रुपये सी सी रोड निर्माण, 3 लाख रुपये सी सी रोड का भुगतान,65650 रुपये पंचायत भवन में शौचालय निर्माण, 142,000 रुपये मुरमीकरन साफ सफाई के बिल पर आपत्ति जताया गया है। पंचो और ग्रामीणों का कहना है सरपंच व सरपंच पति उपसरपंच द्वारा किसी भी शासकीय कार्यो की निर्माण की जानकारी उन्हें बैठक में नही दिया जाता सब काम सरपंच पति उपसरपंच बाबूलाल के द्वारा अपनी मनमर्जी से करवाता है हम पंचो से कभी भी निर्माण कार्य सम्बन्धी किसी भी प्रकार की जानकारी नही दिया जाता साथ ही निर्माण कार्य और पैसा निकालने के लिए न ही बैठक बुलाया जाता है और न ही प्रस्ताव में हमसे दतख्त लिया जाता है और कुछ बोलने पर उपसरपंच द्वारा हमपर दबाव बनाया जाता है।उल्लेखनीय है कि इससे पहले कार्यकाल में ग्राम पंचायत का सरपंच खुद बाबूलाल थे जिनके समय मे ग्राम पंचायत के कई कार्य अधूरे पड़े है ग्रामीणों ने उनके कार्यकाल का भी जांच कराने जिलाधीश गरीयाबंद को आवेदन दिया गया था लेकिन जांच अधिकारियों ने जब जांच के दौरान पिछले कार्यकाल का लेखा जोखा व बिल बाउचर मांगा तो सचिव द्वारा जानकारी दिया गया कि वे अभी दो साल पहले ही इस पंचायत का प्रभार लिए है और जब वे प्रभार लिये तब उन्हें पिछले कार्यकाल का कोई भी बिल बाउचर व रोकड़ पंजी चेक जारी पंजी सहित शासकीय दस्तावेज नही दिया गया था। जिसको लेकर ग्रामीण भड़क गए और जांच अधिकारियों द्वारा बनाये गए पंचनामा में इसका भी उल्लेख किया गया है साथ ही पिछले पंचवर्षीय कार्यकाल का जांच कराने के लिए पुनः आवेदन जिलाधीश महोदय गरियाबंद से निवेदन करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्यवाही करने की मांग करने की बात की गई और निष्पक्ष जांच नही होने पर समस्त ग्रामवासियो द्वारा उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है।इस मौके पर शिवदर्शन ठाकुर, नरोत्तम ठाकुर जित्तू महाराज विजू राम साहू लोकेश साहू पंच गोल्डन यादव दादू राम यादव किशनलाल सिन्हा मालती बाई पंच निर्मला बाई पंच, मनोज महराज,कीर्तन ध्रुव,लालजी ध्रुव,मानसिंग ध्रुव,उमा मिश्रा पंच,पार्वती बाई पंच,मंगली बाई,द्रोपती ध्रुव,गनिता वर्मा,खिलेश्वरी ध्रुव जनपद सदस्य ,मदन ध्रुव,मधुर ध्रुव,लक्ष्मण ध्रुव,दादूराम यादव,जीवन पटेल,खिलावन विश्वकर्मा,ओमप्रकाश पटेल,महेत्तरू राम साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।
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