अक्कू रिजवी/ कांकेर। कांकेर तीन मार्च को कांकेर जिले की पुलिस को उस समय उल्लेखनीय सफलता मिली , जब उसकी भानुप्रतापपुर टीम ने 24 घंटे के अंदर जाड़े कुर्से ग्राम में घटित बलात्कार के दोनों दुष्कर्मियों को ढूंढ निकाला और जुर्म का इकबाल भी करवा लिया। दोनों दुष्कर्मी अब गिरफ्तार हैं और उन पर धारा 376 सहित 6 पाक्सो एक्ट के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। संपूर्ण घटना इस प्रकार बताई जाती है कि ग्राम जाड़े कुर्से तहसील भानुप्रतापपुर में दो मार्च की रात को मेला में नाचा का कार्यक्रम था जिसे देखने के लिए ग्राम गुमड़ी थाना लोहत्तर के दयाराम नरेटी की नाबालिग़ पुत्री अपनी सहेलियों सहित रात 9:00 बजे गई हुई थी। वहां दो लड़कों ने उसे जबरन खींच कर एक बाड़ी में ले गए और वहां उस के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया। लड़की की सहेलियां जो डर कर भाग गई थीं ,उनके बताने के आधार पर लड़की के पिता दयाराम नरेटी साकिन गुमड़ी ने थाना लोहत्तर पहुंचकर रिपोर्ट लिखवाई । वारदात की गंभीरता को देखते हुए इसकी सूचना जिला मुख्यालय कांकेर में दी गई। इसके पश्चात जिला पुलिस अधीक्षक एमआर आहिरे के निर्देशन पर सहायक पुलिस अधीक्षक गोरखनाथ बघेल, एसडीओ पुलिस अमोलक सिंह तथा थानेदार लोहत्तर महेश साहू के मार्गदर्शन में बाकायदा पुलिस टीम गठित कर पूछताछ एवं पतासाजी शुरू हुई ।आसपास के गांव की युवकों के (जो मेला देखने गए थे )उन सभी के फोटोग्राफ पीड़ित लड़की को दिखाने पर उसने दोनों दुष्कर्मियों को पहचान लिया, जिनमें से रमेश मंडावी नामक युवक फ़ौरन पकड़ा गया लेकिन दूसरे मुख्य अपराधी तुलसी टेकाम को पकड़ने के लिए साइबर सेल की मदद लेनी पड़ी, जिसने उसका लोकेशन कैच कर लिया और उसके बाद गांव की घेराबंदी कर तुलसी टेकाम को भी 24 घंटे के अंदर पुलिस टीम ने पकड़ लिया । दोनों आरोपी ग्राम डंडई खेड़ा के रहने वाले हैं। इन्हें शीघ्र पकड़ने में जिन पुलिस स्टाॅफ ने सहयोग दिया ,उन में थानेदार लोहत्तर महेश साहू, उपनिरीक्षक महेंद्र ध्रुव, हवलदार बाला प्रसाद, उमित्रा मंडावी, डोमेश्वर यामले, राकेश ध्रुव, संतोष पांडे, संत कुमार नेताम, आलोक सलाम, पवन सोम ,दिल राम भास्कर ,गौतम दर्रो ,ओम प्रकाश पटेल ,सरिता गोटी, बलदेव अंचला तथा कृष्णा कोमरा के नाम उल्लेखनीय हैं। रिकॉर्ड समय में अपराधियों को ढूंढ निकालने और जुर्म कायम कर हिरासत में भेज देने पर क्षेत्रीय जनता द्वारा इन पुलिसकर्मियों की प्रशंसा की जा रही है, क्योंकि आमतौर पर दुष्कर्म के अपराधी बहुत चालाक होते हैं और जल्दी पकड़ में नहीं आते।
चौबीस घंटे के अंदर दुष्कर्मियों को पकड़ने में पुलिस को मिली बड़ी सफलता

