किरीट ठक्कर/ गरियाबंद : राजिम माघी पुन्नी मेला में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित सामुहिक विवाह कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित जिला पंचायत गरियाबंद क्षेत्र क्रमांक 02 के प्रतिनिधि रोहित साहू को राजिम विधायक अमितेश शुक्ल द्वारा भाषण देने से रोकना व पुलिस बुलाने की धमकी देना उनके व्यक्तित्व के अनुरूप नहीं है। जनता द्वारा चुने हुए एक जनप्रतिनिधि का इस तरह का व्यवहार किया जाना दूसरे जनप्रतिनिधि के लिए , वो भी भरे मंच में निंदनीय है। अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के राज्य सचिव व पिछले विधानसभा चुनाव में भाकपा (माले) रेड स्टार के प्रत्याशी रहे तेजराम विद्रोही ने विधायक अमितेश शुक्ल के व्यवहार की घोर निंदा करते हुए कहा कि राजनीतिक जीवन में वैचारिक मतभेद हो सकते है , लेकिन उसे व्यक्तिगत मतभेद मानकर किसी को नीचा दिखाना ओछी राजनीति का परिचायक है। विधायक अमितेश शुक्ल वरिष्ठ कांग्रेसी नेता है राजिम की जनता उन्हें अपने परिवार के रूप में देखती है भले ही वे किसी भी राजनीतिक विचारधारा के साथ सहमत रहे या न रहे, लेकिन रिकार्ड बहुमत से विधानसभा चुनाव जीतने का गुरुर अमितेश शुक्ल का अभी तक समाप्त नहीं हुआ है। ऐसा ही व्यवहार उनके द्वारा 2019 लोकसभा चुनाव के पहले राजिम मंडी में किसानों के साथ किया गया था जहाँ कर्ज माफी से वंचित होने वाले किसान जब उनसे गोहर करने आये थे तब किसानों को भाजपा समर्थित किसान कहकर उनका अपमान किया था। वंशवाद की परंपरा चलाने वाले विधायक शायद ये चाहते है कि राजिम विधानसभा क्षेत्र में उन्हें राजनीतिक चुनौती देने वाला कोई न रहे। विधायक अमितेश शुक्ल अपने वरिष्ठता की गरिमा को महसूस करना चाहिए और इसके लिए उन्हें सहानुभूति के शब्दों सहित खेद व्यक्त करना चाहिए। क्योंकि राजनीतिक मंच पर हो या सामाजिक मंच पर सहमति और असहमति के विचारों को स्वीकार करना चाहिए। निर्वाचित जनप्रतिनिधि भले ही पद में बड़ा या छोटा हो सकता है किन्तु उनके संवैधानिक अधिकार अपने अपने स्थान पर एक समान है।
साहू समाज ने भी की निंदा
राजिम विधायक अमितेष शुक्ल द्वारा राजिम में आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत सदस्य रोहित साहू को अपमानित किये जाने तथा पुलिस बुलाने की धमकी को लेकर अब ग्रामीण साहू समाज राजिम ने भी राजिम विधायक अमितेश शुक्ल की निंदा की है। विदित हो कि जिला प्रशासन के द्वारा आयोजित वैवाहिक कार्यक्रम में रोहित साहू द्वारा उद्बोधन क्रम में प्रोटोकॉल के उल्लंघन का विरोध किया गया था। जबकि जिला प्रशासन द्वारा रोहित साहू को भी विशिष्ट अतिथि के तौर पर आमंत्रित किया गया था। साहू समाज ने अब विधायक से सार्वजनिक माफी की मांग की है।

