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होम आइसोलेशन केयर फीडबैक में दुर्ग इस सप्ताह भी नंबर 1 पर

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  • सभी पैरामीटर में होम आइसोलेशन कंट्रोल सेंटर का शानदार प्रदर्शन, 99 फीसदी मरीजों ने कहा हम होम आइसोलेशन प्रबंधन के फालोअप से पूरी तरह संतुष्ट
  • 360 मरीजों से लिया गया था फीडबैक

तापस सन्याल/ दुर्ग : कोविड केयर को लेकर दुर्ग जिले का होम आइसोलेशन माडल पूरी तरह कारगर रहा है। इस बार भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा हुए सर्वे में फीडबैक में दुर्ग जिले को प्रदेश में प्रथम स्थान मिला है। फीडबैक के दौरान पूछे गए प्रश्नों पर मरीजों ने होम आइसोलेशन माडल को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। 360 मरीजों से फीडबैक में विभिन्न तरह के प्रश्न पूछे गये थे। पूरे प्रदेश में इसी तरह से कोविड मरीजों से प्रश्न पूछे गये थे इसके आधार पर फीडबैक रिपोर्ट तैयार की गई जो आज जारी हुई है। इसमें दुर्ग जिले को 10.51 अंक मिले हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. गंभीर सिंह ठाकुर ने बताया कि कलेक्टर डाॅ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे के मार्गदर्शन में लगातार होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों की मानिटरिंग की जा रही है। पूरे जिले को विभिन्न जोन में बांटकर 12 मेडिकल आफिसर के नेतृत्व में टीम बनाई गई है जो मरीजों का फीडबैक ले रही है और उन्हें मार्गदर्शन कर रही है। मरीजों से मिले फीडबैक पर कंट्रोल सेंटर की मेडिकल प्रभारी डाॅ. रश्मि भुरे नजर रखती हैं और आवश्यकता पड़ने पर त्वरित इलाज के लिए हास्पिटल रिफर करने का निर्णय लेती हैं। उल्लेखनीय है कि होम आइसोलेशन माडल बनाने में दुर्ग जिला अग्रगामी रहा और केंद्र सरकार की संयुक्त सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा ने भी अपने भ्रमण के दौरान यहाँ का सेंटर देखा और यहाँ की कार्यप्रणाली की प्रशंसा की। डाॅ. ठाकुर ने बताया कि हम सबसे ज्यादा रिस्पांस टाइम पर ध्यान देते हैं। मरीजों की अच्छे से काउंसिलिंग की जाती है। उन्हें रिलैक्स किया जाता है और बताया जाता है कि आक्सीमीटर के माध्यम से अपने आक्सीजन लेवल की मानिटरिंग करते रहें। इसमें गिरावट हो तो तुरंत सूचना दें। यह बहुत प्रभावी साबित हुआ है। हमने ऐसी व्यवस्था की है कि क्रिटिकल केस में जल्द से जल्द मरीज को अस्पताल पहुँचाया जा सके।

सभी पैरामीटर में अच्छा स्कोर- फीडबैक में मरीजों से पूछा गया कि आप नियमित दवा लेते हैं या नहीं। इसमें 99 प्रतिशत लोगों का जवाब था हाँ। स्वास्थ्य कर्मी आपके नियमित संपर्क में हैं या नहीं, इसमें 97 प्रतिशत का जवाब हाँ था। 99 प्रतिशत मरीजों ने कहा कि उनके स्वास्थ्य का नियमित फालोअप हो रहा है और वे इससे संतुष्ट हैं। 93 प्रतिशत लोगों ने कहा कि परिवार के सदस्यों ने बचाव के लिए दवा ली है। फीडबैक में 99 प्रतिशत लोगों ने बताया कि कोविड के लक्षण वाले मरीज के पारिवारिक सदस्यों का कोरोना टेस्ट किया जा चुका है। आक्सीमीटर जो कोविड की गंभीरता को जानने का अहम माध्यम है का 98 प्रतिशत लोगों ने इस्तेमाल करने की बात कही। घर में ब्लीचिंग पाउडर से सफाई की बात 98 प्रतिशत लोगों ने कही। सर्वे में यह भी पूछा गया कि आपको कौन सा लक्षण आने पर अपने चिकित्सक से परामर्श लेना बेहद जरूरी है। इसका सही जवाब शत प्रतिशत लोगों ने दिया। उल्लेखनीय है कि अब तक होम आइसोलेशन केयर माडल के अंतर्गत जिले में 18 हजार मरीजों को स्वास्थ्य लाभ दिया जा चुका है।

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