प्रांतीय वॉच

स्व-सहायता समूह के उत्पादकों को मिल रहा बाजार

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खिलेन्द्र ठाकुर/ दंतेवाड़ा:  पुरूष प्रधान व्यवसायों में महिलाएं भी दखल देने लगी है। जिला प्रशासन दन्तेवाड़ा के अभिनव पहल को रेखांकित करती स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने सीमेंट पोल के निर्माण के क्षेत्र में हाथ आजमाया और वे सफल हो रही है। राष्ट्रीय ग्रामीण अजीविका मिशन के माध्यम से जिले की 07 महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं अब सीमेंट पोल का निर्माण कर रही है, और अच्छा खासा मुनाफा कमा रही है। उल्लेखनीय है कि जिले के सभी पंचायतों में देवगुड़ी एवं गोठान का निर्माण कार्य चल रहा है, इन देवगुडि़यों तथा गोठानों में चहार दिवारी के लिए सीमेंट पोल की आवश्यकता पड़ रही है। अब इस फेंसिंग कार्य के लिए सीमेंट पोल का बाहर से क्रय न करते हुए पंचायतों के महिला स्व-सहायता समूह से क्रय किया जा रहा है। सीमेंट पोल निर्माण हेतु राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से जिले के चारों विकासखण्डों से 07 महिला स्व-सहायता समूहों का चयन किया गया है। इन्हें ग्रामीण अभियांत्रिकी विभाग के इंजीनियर्स की मदद से प्रशिक्षण दिया गया है। ये महिला स्व-सहायता समूह इंजीनियरों की देख-रेख में निर्धारित मापदण्डों के अनुसार सीमेंट पोल निर्माण का कार्य रही है। इन समूहों से 01 पोल 300 रूपयें मे क्रय किया जाता है पंचायतों मे ंजो भी शासकीय कार्य होते है यदि उनमें सीमेंट पोल की आवश्यकता हो तो जरूरत के हिसाब से इन समूहों को आर्डर देते है ताकि समय पर सीमेंट पोल उपलब्ध हो सकें। इस कार्य में जिले की दिशा ग्राम संगठन टेकनार, सीता महिला ग्राम संगठन गंजेनार, रानी लक्ष्मी ग्राम संगठन गाटम, दीपक महिला ग्राम संगठन मैलावाड़ा, जागृति महिला क्लस्टर संगठन पेन्टा, हुंगा बेला ग्राम संगठन बिंजाम, दन्तेश्वरी स्व-सहायता समूह नागफनी (गीदम) शामिल है। अब तक इन महिला स्व-सहायता समूह से 5 हजार 7 सौ 98 सीमेंट पोल का क्रय विभिन्न माध्यमों से किया गया है। परिणामस्वरूप 17 लाख 39 हजार 4 सौ की राशि समूह को प्राप्त हुई है। स्व-सहायता समूह के इस गतिविधी से 80 परिवार लाभांवित हो रहे है। जो कि महिला सशक्तिकरण की ओर बढ़ते हुए कदम है।
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