टीकम निषाद/ देवभोग : बिना डिग्री के वर्षों से आम मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर हजारों लाखों रुपए कमाई करने वाले झोलाछाप कथित डॉक्टरों की समाचार छत्तीसगढ़ वॉच द्वारा लगातार प्रकाशित करने के बाद मुख्यालय के निजी क्लीनिक के डॉक्टर और गांव गांव के बिना डिग्री डॉक्टरों के बीच खलबली मचा हुआ है। बकायदा इनके बीच अब बैठकों का दौर भी शुरू हो गया है। सूत्रों का कहना है कि बीते दिन आयुर्वेदिक की डिग्री लेकर एलोपैथिक दवाई से इलाज करने वाले डॉक्टर के साथ अन्य बिना डिग्री धारी डॉक्टर मुख्यालय के एक निजी अस्पताल में बैठक किया गया। तो वही आज देर शाम सीनापाली हाई स्कूल के समीप बिना डिग्री वाले गांव गांव के डॉक्टर के बीच बैठक हुआ ताकि ऊपरी अधिकारियों को चढ़ावा चढ़ाते हुए नियमानुसार कार्यवाही से बचा जा सके सबसे खास बात तो यह है । कि कथित डॉक्टरों द्वारा भी ऊपरी अधिकारियों को सेटिंग कर बेधड़क निजी क्लीनिक चलाने की बात खुलेआम कही जाती है। तभी शायद नरसिंग एक्ट को दत्ता दिखाकर वर्षों से आम मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने वाले इन झोलाछाप डॉक्टरों पर प्रशासनिक अमला मेहरबान नजर आ रहा है। जबकि झोलाछाप डॉक्टरों की जानलेवा इलाज की चर्चा मुख्यालय से लेकर जिला स्तर तक होने लगी है। बावजूद इसके झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कोई ठोस कार्यवाही देखने को नहीं मिला है। इससे जिम्मेदार अधिकारियों के सवाल खड़ा किया जा रहा है।
खबर का असर : झोलाछाप डॉक्टरों के बीच हड़कंप, बैठकों का सिल
