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महेश गागड़ा ने लगाया प्रदेश सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप

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  • कमीशन खोरी के चलते मनरेगा के कार्य मशीनों से बेरोजगार आदिवासी पलायन को मजबूर , महेश गागड़ा

समैया पागे/ बीजापुर : जिला मुख्यालय के भाजपा कार्यालय में बीजेपी के कार्यकर्ताओं द्वारा प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया जिसमें भाजपा के पूर्व वनमंत्री एवं पूर्व विधायक महेश गागड़ा ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि दो साल में विफलता के सारे कीर्तिमान हासिल कर चुकी है। छत्तीसगढ़ में बैठी कांग्रेस की सरकार किसान विरोधी है और प्रदेश के किसानों के साथ लगातार अन्याय कर रही है। कांग्रेस ने वादाखिलाफी और विश्वासघात के नित दिन नए रिकार्ड बना रही है। आज तक पिछले वर्ष भी जिले के 1200 से अधिक किसानों के धान की कीमत का पूरा भुगतान नहीं किया गया। वर्तमान में भी 20 दिन गुजर जाने पर भी किसानों के खातों में अब तक एक रुपये भी नहीं पहुंचा। विधानसभा में सरकार ने कहा था कि प्रदेश में इस सीजन में कुल 4 लाख से अधिक बारदानों की जरूरत होती है जिसमें 3 लाख 30 हजार बारदाने उपलब्ध है और 1 लाख 15 हजार बारदाने की जरूरत होगी। लेकिन समय रहते किसानों से संबंधित समस्याओं के लिए सरकार ने कुछ नहीं किया। हालात यह है कि किसान खुद 30 से 40 रुपये में बारदाने खरीदने को मजबूर है। एक महीना विलंब से धान खरीदी करना छत्तीसगढ़ के भोले भाले किसानों के खिलाफ कांग्रेस द्वारा अपने व्यापारी, बिचौलिए दलाल मित्रों को लाभ पहुंचाने का षडयंत्र कर रही है। प्रेस वार्ता में महेश गागड़ा ने कहा कि जिले में कोरोना काल से अब तक मनरेगा के कार्य लगातार मशीनों से चल रहे है जिसके चलते ग्रामीणों को रोजगार नही मिल पा रहा है और ग्रामीण रोजगार के लिए पड़ोसी राज्य तेलंगाना जाने को मजबूर है। पूर्व वनमंत्री गागड़ा ने कांग्रेस सरकार पर चुनावी वादों को दरकिनार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस ने चुनाव से पहले गंगाजल की कसम खा कर शराबी बंदी और शासकीय कर्मचारियों की नियमतिकरण का वादा किया था लेकिन आज भी सचिव – रोजगार सहायक हड़ताल पर है उनकी मांगे पूरी नही हो रही है वंही पटवारियों एंव स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल को भी ट्रांसफर ओर लाठीचार्ज की धमकी देकर बन्द करवाया जो कि निंदनीय है आज पिछले एक साल से कई कर्मचारियों को अन्क्रीमेंट तक नही मिला। 10 जनवरी 2021 को मुख्यमंत्री का बीजापुर दो दिवसीय प्रवास की तैयारी के दौरान करंट लगने से जिले के युवा आदिवासी व अपने परिवार के एक लौते पुत्र हरीश कोर्राम की मौत हुई उसके लिए न तो सीएम भूपेश बघेल और न ही जिले के विधायक ने अपने भाषण में एक मिनट का भी शोक नहीं जताया यह दुर्भाग्यपूर्ण हैl कांग्रेस की सरकार आदिवासियों के हक की लड़ाई करने के बात करते है, लेकिन असल में ये सरकार आदिवासियों का शोषण कर रही है। हरीश कोर्राम के परिवार को एक करोड़ की मुआवजा राशि और परिवार के किसी व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने की बात महेश गागड़ा ने कही। इस प्रेसवार्ता में सुकमा जिले के भाजपा नेता धनीराम बारसे, जिलाध्यक्ष श्रीनिवास मुदलियार सहित भाजपा के अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। उन्होंने ने कहा भाजपा 22 जनवरी को छत्तीसगढ़ सरकार की वादा खिलाफी, धान खरीदी में अव्यवस्था, रकबा कटौती जैसे किसान विरोधी कृत्यों के खिलाफ जिला मुख्यालय में उग्र प्रदर्शन करेगी।

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