- प्रशासन द्वारा क्लीनिक सील करने के पश्चात भी डॉक्टर द्वारा ताला तोड़ क्लीनिक खोलकर किया जा रहा था मरीजों का उपचार
दिलहरण चंद्रा/ जैजैपुर : झोलाछाप डॉक्टर द्वारा प्रशासन की निर्देशों का उल्लंघन करते हुए सील किए गए क्लीनिक को खोलकर किया जा रहा था मरीजों का उपचार। मामले की शिकायत मिलने के पश्चात भी प्रशासन के द्वारा किसी भी प्रकार की कोई भी कार्यवाही नहीं की गई जिसके परिणाम स्वरूप झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही पूर्वक इलाज के दौरान एक महिला ने अपनी जान गवा दी जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मची हुई है पूरा मामला जैजैपुर क्षेत्र के हसौद थाना क्षेत्र में स्थित बंगाली क्लीनिक की है तथा इलाज के दौरान मृतक महिला का नाम रामिन बाई साहू उम्र 65 वर्ष है जो कि हसौद थाना क्षेत्र अंतर्गत नरियारा गांव की निवासी हैं।आपको बता दें कि बंगाली क्लिनिक के इलाज के दौरान पूर्व में भी एक महिला की मौत हो गई थी ,जिसे तहसीलदार जैजैपुर चंद्रशिला जयसावल के द्वारा क्लिनिक को सील कर दिया था सील करने के बाद भी डॉक्टर अपने क्लिनिक को खोल कर नरियरा निवासी रामिन बाई साहू उम्र 65 वर्षिय महिला की इलाज कर रहा था जिसकी इलाज दौरान मौत हो गई है वही डॉक्टर एस .के.विश्वास ने अपनी गलती को स्वीकार करते हुए महिला की इलाज करने की बात कही , सील करने के बावजूद बंगाली क्लिनिक के संचालक बिना आदेश के ताला को जबरजस्ती तोड़कर 1 सप्ताह से कर रहा था इलाज जिसकी सूचना सीएमएचओ और बीएमओ को दी गई थी लेकिन कोई ध्यान नही दिया गया वही स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी को घटना के जानकारी देने पर अपनी फोन को भी नही उठाया इसी तरह देखा जाय तो स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही आई सामने आई है। क्लीनिक को सील करने के पश्चात भी जब डॉक्टर के द्वारा क्लीनिक खोलकर मरीजों का उपचार किया जा रहा था तो संबंधित मामले पर प्रशासन को सूचित किया गया परंतु प्रशासन के द्वारा किसी भी प्रकार की कोई भी उचित कार्यवाही नहीं की गई जिसने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सीधे सवाल खड़े कर दिए हैं साथ ही साथ लोगों के मन में प्रशासन के प्रति विश्वास एवं जागरूकता कम होती नजर आ रही है। वही मामले की सूचना मिलने पर घटनास्थल पर पहुंचे हसौद तहसीलदार कमलकिशोर पाटनवार और पुलिस द्वारा क्लिनिक को सील कर शाव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है ।।

