यामिनी चन्द्राकर/ छुरा : किसानों की गाढ़ी कमाई पर किस तरह धान खरीदी केंद्र प्रभारीयो द्वारा कांटा मारा जाता है इसका खुलाशा शनिवार को किसानों की शिकायत पर जांच के दौरान देखने को मिला गरियाबंद जिले के छुरा विकासखण्ड के पंक्तियां धान उपार्जन केन्द्र में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आयी है। किसानों के शिकायत के बाद जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर गड़बड़ी का पर्दाफाश किया है। जांच टीम ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा उच्चाधिकारियों से की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार राजस्व, सहकारिता एवं फ़ूड विभाग द्वारा शिकायत मिलने पर शनिवार को पंक्तियां धान उपार्जन केंद्र में संयुक्त रूप से जांच की गई। इस दौरान जांच टीम को उपार्जन केन्द्र में कई प्रकार की गड़बड़ी नजर आई। जिस पर जांच टीम ने आपत्ति दर्ज की है।
जांच टीम के मुताबिक उपार्जन केंद्र में 1184 बोरा धान बिना सिलाई के अलग अलग जगह रख पाया गया। 619 बोरा धान सिलाई के बाद परिसर में इधर उधर रखा मिला। किसानों की मौजूदगी में जब उक्त धान का वजन कराया गया तो निर्धारित 40 किलो वजन से अधिक पाया गया। वही स्टैक में रखे धान का वजन किया गया तो 40 किलो से कम 37, 38 और 39 किलो वजन पाया गया। जांच टीम ने वजन में गड़बड़ी की आशंका जाहिर की है।
यही नही मौके से 269 बोरा धान भी कम पाया गया है। जांच टीम के अनुसार केन्द्र मे 43939 बोरा धान होना चाहिए था जबकि भौतिक सत्यापन के दौरान मौके पर 43670 बोरा धान ही प्राप्त हुआ है। उक्त उपार्जन केंद्र के प्रबंधक भूपेंद्र यादव व फड़ प्रभारी पवन यादव ने जांच टीम के समक्ष दिए अपने बयान में इसकी जानकारी न होना बताया है।
टीम ने जांच के बाद प्रतिवेदन में गड़बड़ी होने की आशंका जाहिर करते कहा है कि उक्त कृत्य से यह साबित होता है कि समिति प्रबंधक एवम उपार्जन केंद्र से जुड़े हर कर्मचारी न ही सरकार के निर्देशों का पालन कर रहे है और न ही उच्च अधिकारी के निर्देशों को मान रहे है।अप्रत्यक्ष रूप से शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने के उद्देश्य से सबन्धित कर्मचारियों के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर दोषी कर्मचारियों के स्थान पर अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति एवम संबंधितों को सेवा से पृथक करने की कार्यवाही किया जाना है।
उपरोक्त जांच के समय जिला विपणन अधिकारी गरियाबंद, प्रभारी तहसीलदार छुरा, नायब तहसीलदार गरियाबंद, खाद्य निरीक्षक गरियाबंद, सहकारिता उपनिरीक्षक उपस्थित रहे।