कसडोल : राजिम जयंती के अवसर पर कसडोल नगर साहू संघ के अध्यक्ष गुनिराम साहू के अगुवाई में कसडोल नगर साहू संघ द्वारा पहले कर्मा भवन में पूजा अर्चना की गई। इसके बाद विशाल भव्य बाइक रैली निकाला गया। यह रैली कर्मा भवन से गायत्री चौक होते हुए बगदेवी पारा, महामाया पारा, बाजार पारा सहित पूरे नगर में रैली निकाला गया। इस दौरान साहू समाज के द्वारा मा कर्मा के जयकारे लगाएं गए। आपको बता दे कि आगामी 13 मार्च को माँ कर्मा जयंती हैं, जिसकी तैयारी समाज के द्वारा जोरो से किया जा रहा हैं, माँ कर्मा साहू समाज की इष्ट देवी के रूप पूजी जाती हैं। नव नियुक्ति कसडोल साहू संघ के अध्यक्ष गुनिराम साहू द्वारा पद ग्रहण करते ही समाज को मजबूत बनाने हर सम्भव कोशिश किया जा रहा गुनिराम साहू समाज के प्रति बचपन से ही जुड़े हुए सरल स्वभाव के व्यक्ति रहे है, उनके अपने साहू समाज के प्रति लगाव देख उनको सर्वसमिति से कसडोल नगर साहू संघ का अध्यक्ष बनाया गया आपको बता दे पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में गुनिराम साहू पहले ऐसे युवा साहू समाज के अध्यक्ष हैं जिनकी उम्र महज 31 साल हैं इसी से अंदाजा लगाया जा सकता हैं कि गुनीराम साहू का समाज के प्रति कितना लगाव हैं चर्चा के दौरान गुनिराम साहू ने बताया 7 जनवरी को प्रति वर्ष राजिम में राजिम जयंती के उपलक्ष में मनाया जाता है जिसमे पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश के साहू समाज के लोग जयंती में शामिल होते है उसी उपलक्ष में राजिम जयंती मां कर्मा को याद कर आज बाइक रैली निकाली गई जिसमें कसडोल पुलिस का भरपूर सहयोग मिला, श्री साहू ने बताया आगे जितने भी समाजिक काम है जो किसी कारण वश रुके हुए है उन्हें स्वजातीय भाइयो की मदद से पुरा किया जाएगा। इस दौरान संघ के सचिव गोपाल साहू, मीडिया प्रभारी भानु प्रताप साहू, जय साहू, चंदन साहू, कमल साहू, कार्तिक साहू, विजय साहू, तेजस्वी साहू, रिंशु, राकेश साहू, मिथलेश साहू, मंगल साहू सहित अन्य समाज के पदाधिकारी सदस्य मौजूद रहें।
*जय कर्मा से गुंजा नगर*
रैली के दौरान साहू समाज के पदाधिकारीयो द्वारा जय कर्मा के जयकारों से पूरा नगर गूंज रहा था, इस दौरान सभी पदाधिकारियों द्वारा नगर भ्रमण कर वापिस कर्मा भवन पहुँचकर विधि विधान से माँ कर्मा को माल्यार्पण कर आगे की रणनीति के सम्बंध में रूपरेखा तैयार किया गया। संघ के वरिष्ठ सदस्य कमल साहू और कार्तिक साहू ने कहा कि सभी समाज के बंधुओं को एक साथ रहकर एकरूपता दिखाना है, साथ ही सभी को समाज के बैठक में अनिवार्य रूप से पहुँचना है, तभी समाज संगठित होगा।

