अक्कू रिजवी/ कांकेर : छत्तीसगढ़ के अनेक लोग नहीं जानते होंगे कि कांकेर में भी अंतरराष्ट्रीय 42 किलोमीटर मैराथन दौड़ में देश विदेश में नाम रोशन करने वाले गजेंद्र यादव रहते हैं, जो फिलहाल खेल कोटा से पुलिस विभाग में एक छोटी सी आरक्षक की नौकरी कर रहे हैं। शासन चाहे कांग्रेसका हो या भाजपा का अथवा जोगी जी का सभी ने गजेंद्र जी को आश्वासन तो बहुत दिए हैं लेकिन सुविधाएं बहुत कम, अब उनकी उम्र भी बढ़ रही है, अतः वे भविष्य में अपने जैसे अनेक खिलाड़ी तैयार करने हेतु बस्तर संभाग के सातों जिलों में मैराथन धावक प्रतियोगिता कराना चाहते हैं, जिसके प्रतियोगी बच्चे होंगे। गजेंद्र यादव जी ने एक मुलाकात में बताया कि वे अब बहुत खेल चुके हैं। अपने जैसे नए धावक बड़ी संख्या में तैयार करना चाहते हैं जो आगे चलकर छत्तीसगढ़ का नाम करें इसलिए जनवरी के आखिरी सप्ताह से मार्च के मध्य तक सुविधाजनक तारीखों पर बच्चों की मैराथन दौड़ कराने के इच्छुक हैं ,यदि शासन तथा स्थानीय संस्थाएं सहयोग दें तो यह योजना बहुत सफल हो सकती है। इस दौड़ को कोरोनावायरस विरोधी अभियान का रूप दिया जाएगा उन्होंने बताया कि मैंने दो बार विदेशों में भी प्रदर्शन किया है तथा देश प्रदेश में तो मुझे इतने अधिक पुरस्कार सम्मान मिले हैं कि सारा कमरा भरा हुआ है कोई भी आकर देख सकता है लेकिन एक खिलाड़ी को जो सुविधाएं मिलनी चाहिए, वह मुझे छत्तीसगढ़ में नहीं मिल रही हैं। कम से कम नौकरी में प्रमोशन ही मिल जाए अथवा कोई सरकारी बड़ा सम्मान ही मिल जाए तो मेरे लिए संतोष की बात होगी लेकिन अफसोस की बात है कि छत्तीसगढ़ सरकार के इतने सारे खेल पुरस्कारों में मेरे नाम पर कभी विचार क्यों नहीं किया जाता? जबकि मुझसे बहुत जूनियर लोग छत्तीसगढ़ का राजकीय खेल सम्मान प्राप्त कर चुके हैं। फिलहाल मैं मैराथन विश्वकप की तैयारी भी कर रहा हूं, जिसके लिए मुझे कलेक्टर चंदन कुमार आईजी पी सुंदर राज, पुलिस विभाग के कांकेर जिला अधीक्षक एमआर आहिरे साहब तथा अन्य सभी अफसर एवं प्रशिक्षक नबी मोहम्मद, शिक्षक अनुपम जोफर, डॉक्टर कृष्णमूर्ति शर्मा ,डॉक्टर ईश्वर रमानी तथा कांकेर के गणमान्य नागरिकों ने जिनमें मुख्यमंत्री के सलाहकार राजेश तिवारी जी भी हैं, मेरे लिए शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
कांकेर के अंतरराष्ट्रीय मैराथन धावक गजेंद्र यादव अब बच्चों का मैराथन आयोजित करेंगे, स्वयं का भी नया दमखम दिखाएंगे नए वर्ष में

