- पंचायत सचिव संघ द्वारा भी कांकेर में आंदोलन जारी
अक्कू रिजवी/ कांकेर। छत्तीसगढ़ पंचायत सचिव संघ के आव्हान पर कांकेर में भी जिले के समस्त पंचायत सचिव आंदोलनरत हो गए हैं तथा आज से उनका आंदोलन धरने प्रदर्शन का रूप ले रहा है। ज्ञातव्य है कि पंचायत सचिवों की मांग कोई अधिक नहीं है बल्कि मात्र 1 सूत्री मांग है कि उन्हें सरकारी कर्मचारी माना जाए अर्थात उनके पदों का शासकीय करण किया जाए जो कि अब तक नहीं हुआ है। बरसों बाद शिक्षाकर्मियों का भी शासकीयकरण हो चुका है किंतु दुर्भाग्यवश पंचायत सचिव ही शासकीयकरण से वंचित रखे गए हैं जिसके कारण उन्हें आंदोलन करना पड़ रहा है। आंदोलनकारियों ने बताया है कि पंचायत सचिवों को 29 विभागों का काम करना पड़ता है लेकिन वे समय निकालकर सरकारी कार्यक्रमों एवं योजनाओं सहित सारे कार्य ईमानदारी से पूर्ण कर देते हैं और अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी मदद पहुंचाने में पूरी तरह सहयोग देते हैं इसके बावजूद पंचायत सचिवों की समस्याओं पर सरकार का ध्यान शुरू से नहीं है छतीसगढ़ में सरकार बदलने के बाद यह आशा हो गई थी कि अब शिक्षाकर्मियों की तरह पंचायत सचिवों का भी नंबर लगेगा और वे शासकीय कर्मचारी बनकर निश्चिंतता के साथ सरकारी कामकाज करेंगे किंतु इस सरकार को भी 2 साल हो गए । इस बीच अनेक प्रार्थना पत्र तथा ज्ञापन पंचायत सचिव संघ द्वारा नई सरकार को दिए गए किंतु उनका रवैया पहले वाली सरकारों जैसा ही है। यदि स्थिति यही रही तो पंचायत सचिवों का आंदोलन क्रमिक तरीके से बढ़ता हुआ जोर पकड़ सकता है और अभी से हालत यह है कि पंचायतों के सारे काम काज ठप हो चुके हैं जिससे कुल मिलाकर नुकसान आम जनता का ही हो रहा है। संवेदनशील सरकार को इन कर्मचारियों की समस्या पर तथा इनकी एक सूत्रीय मांग अर्थात शासकीय करण पर सहानुभूति पूर्वक ध्यान देकर अनुकूल निर्णय लेना चाहिए, यह कांकेर की आम जनता का विचार है।

