प्रांतीय वॉच

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी सामूहिक अवकाश लेकर हड़ताल पर

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अक्कू रिजवी/ कांकेर। जैसा की आंगनवाड़ी महिला कार्यकर्ता संघ छत्तीसगढ़ में बहुत पहले ही चेतावनी दे दी थी की वह भी समय हड़ताल पर जा सकती हैं इसी चेतावनी के मुताबिक 22 दिसंबर को कांकेर जिले की समस्त आंगनवाड़ी महिला कार्यकर्ता एक दिवसी छुट्टी लेकर हड़ताल तथा धरना-प्रदर्शन पर उतर आई और अपने एक दिवसीय कार्यक्रम को एकता पूर्वक सफल भी बना लिया। छत्तीसगढ़ प्रदेश आंगनवाड़ी महिला कार्यकर्ता / सहायिका संघ के आव्हान पर कांकेर जिला शाखा द्वारा भी आंदोलन की चेतावनी देते हुए कलेक्टर कांकेर को ज्ञापन दिया गया था । ज्ञापन में स्पष्ट है कि वर्षों से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहायिकाओं की वाजिब मांगों की कोई सुनवाई न किए जाने के कारण आंदोलन करना मजबूरी है, जिसके लिए  22 दिसंबर को एक दिवसीय सामूहिक अवकाश लेकर धरना प्रदर्शन किया गया, जिसमें कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए मास्क के उपयोग तथा सोशल फिजिकल डिस्टेंस के नियमों का भी पालन किया गया । आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा सहायिकाओं  की मांगे  इस प्रकार हैं

1 प्रदेश के आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं सहायिकाओं को शासकीय कर्मचारी घोषित करने तक इन्हें कुशल श्रमिक मानते हुए कलेक्टर दर पर भुगतान किया जाए।
2,मध्य प्रदेश की भाँति मानदेय तथा अन्य सुविधाएं दी जाएं ।
3 ,प्रदेश के भीतर आंगनबाड़ी पर्यवेक्षिका के रिक्त पदों पर सीधी भर्ती पर प्रतिबंध लगाया जाए। पद की पूर्ति आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की वरिष्ठता एवं योग्यता के आधार पर की जाए।  4, मिनी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को पूर्ण आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में तब्दील किया जाए।
इस एक दिवसीय धरना प्रदर्शन हड़ताल के विषय में जब हमारे प्रतिनिधि ने आंगनवाड़ी महिला कार्यकर्ता संघ की जिला अध्यक्ष जयश्री राजपूत से जानना चाहा तो उन्होंने अपने संघ की ओर से यह जवाब दिया कि हम लोगों के साथ बहुत अन्याय हो रहा है । कई विभागों के काम हम लोगों से लिए जाते हैं। इस कोरोना काल में भी हम लोगों से ऐसे बहुत सारे कार्य लिए गए हैं जो वास्तव में आंगनवाड़ी से कोई संबंध नहीं रखते ।अन्य अनेक विभागों के काम हम लोगों को सौंप दिए जाते हैं ,जिसे हम लोग बिना कोई आपत्ति किए पूर्ण करते हैं । फिर भी हम लोगों की वेतन तथा अन्य सुविधाओं में वृद्धि करने के लिए सरकार को बड़ी तकलीफ है। जबकि इतनी कम सुविधाओं और वेतन में भी हम लोग पूरे परिवार का खर्च चलाने को मजबूर हैं। हमारे विचार में आंगनबाड़ी सहायिका कार्यकर्ता आदि किसी का भी वेतन 18000 से कम नहीं होना चाहिए तथा हम लोगों की अन्य मांगे जो बरसों से लंबित पड़ी हैं ,वह भी पूरी होनी चाहिए अन्यथा हम लोग आज तो  सांकेतिक हड़ताल ही कर रहे हैं आगे लंबा आंदोलन भी करना पड़ सकता है, जिसकी सारी जिम्मेदारी शासन पर होगी।

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