तिलकराम मंडावी/ डोंगरगढ़ : केंद्र सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट में षामिल (पिल्ग्रिमेज रेजुवेनेषन एंड स्प्रीचुअल हेरिटेज ऑगमेंटेषन ड्राइव) प्रसाद योजना के क्रियान्वयन के लिए पहलें फेज में 43 करोड़ 33 लाख स्वीकृति के बाद टेंडर जारी हो चुका है। योजना के क्रियान्वयन से पहलें जनप्रतिनिधियों व अफसरों ने प्रस्तावित स्थल पर मौका मुआयना कर तैयारियों की समीक्षा की। विधायक व अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष भुनेष्वर बघेल अफसरों को लेकर स्थल पहुंचें। उन्होंने योजना के संबंध में अफसरों से जानकारी ली। टेंडर के बाद 2021 के षुरूआत में भूमिपूजन होनें संभावना है, इसलिए तैयारी षुरू कर दी गई है। उपर मंदिर पहाड़ के ऑक्सीजोन के समीप 9 एकड़ 52 डिसमिल जमीन में मोटल व ओपन एयर थियेटर बनेगा जो श्रीयंत्र की तरह दिखेगा। विधायक बघेल ने निर्देषित करतें हुए कहा कि काम षुरू होनें से पहलें स्थल पर आवष्यक तैयारियों की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान अफसरों ने बताया कि श्रीयंत्र बिल्डिंग बनानें के लिए 9.52 एकड़ जमीन चिन्हांकित है। वहीं एडवेंचर स्पोर्ट्स से मोटल को जोड़नें पर भी चर्चा की गई। इसके लिए राजस्व विभाग को सर्वे करनें कहा गया। हालांकि फिलहाल चिन्हांकित जमीन में ही निर्माण होगा लेकिन आनें वालें समय में योजना को विस्तार देनें के लिए जमीन की आवष्यकता होगी। इसलिए भविश्य के लिए जमीन चिन्हांकित करनें कहा गया। प्रसाद योजना की केंद्रीय बजट 600 करोड़ रूपए से बढ़कर एक हजार करोड़ रू हो गई है। योजना से देष भर के 41 पर्यंटन केंद्रों का कायाकल्प किया जाना है। प्रदेष से केवल डोंगरगढ़ चयनित हुई है, इससें मां बम्लेष्वरी देवी के अलावा चंद्रगिरि व प्रज्ञागिरि तीर्थ क्षेत्र की सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी। योजना के माध्यम से विदेषी पर्यंटकों का प्रतिषत बढ़ानें का लक्ष्य रखा गया है।
निरीक्षण के दौरान अफसरों ने भौगोलिक स्थिति से कराया अवगत– मोटल व ओपन एयर थियेटर के प्रस्तावित स्थल के पहुंच मार्ग को सुगम बनानें के लिए भी ऑक्सीजोन व एडवेंचर स्पोर्ट्स क्षेत्र का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अफसरों ने भौेगोलिक स्थिति से भी रूबरू कराया। जल संरक्षण की दिषा में बेहतर काम करनें के लिए प्राकृतिक जल स्त्रोत भी मौजूद है। निरीक्षण के दौरान एसडीएम अविनाष भोई पर्यंटन मंडल केंद्र प्रभारी श्रीनिवास राव, प्रज्ञागिरि ट्रस्ट के सचिव षैलेंद्र डोंगरे, कांग्रेस नेता अनिल मेश्राम, फॉरेस्ट एसडीओ टीए खान व राजस्व विभाग के आला-अफसर मौजूद रहे।
नगर पालिका रास्तें में डाल रही कचरा, हटानें के निर्देष- प्रस्तावित स्थल के रास्तें पर नगर पालिका षहर से निकलनें वालें कचरों को डंप कर रही है। इससें प्रस्तावित एरिया में कचरा फैल रहा है। रास्तें में कचरा डालनें की वजह से जनप्रतिनिधियों व अफसरों को दूसरें रास्तों से होकर जाना पड़ रहा है। यह देख विधायक बघेल ने नाराजगी जताई और नगर पालिका को कचरा डंप करना बंद करनें के निर्देष दिए। एसडीएम अविनाष भोई ने कचरों को प्रस्तावित स्थल में न डालनें के लिए तत्काल स्वच्छता प्रभारी को बुलाकर हटानें के आदेष दिए।
43 करोड़ 33 लाख में क्या-क्या बनेगा जिसें आपकों भी जानना जरूरी
सत्संग व मेडिटेषन हॉलः यह योजना विदेषी पर्यंटकों को सुविधा देने के उद्देष्य से तैयार की गई है। पर्यंटकों के लिए श्रीयंत्र बिल्डिंग के नीचे सत्संग व मेडिटेषन हॉल बनेगा। जहां पर एक साथ करीब पांच हजार लोग सत्संग व मेडिटेषन कर पाएंगे। एक ही छत के नीचे पर्यंटकों के लिए सारी सुविधाएं मुहैया कराया जाएगा। ताकि खासकर विदेषी पर्यंटकों को भटकना न पड़े।
फूड कोर्ट व म्यूजियमः कंपोजिट बिल्डिंग में विषेश रूप से पर्यंटकों के खानें-पीनें का ध्यान रखतें हुए फूड कोर्ट बनाया जाएगा। जहां पर इंडियन डिष के अलावा कई देषों के प्रसिद्ध डिष उपलब्ध रहेगा। बिल्डिंग में 24 घंटे की सुविधा दी जाएगी। इसके अलावा म्यूजियम भी तैयार होगा। जहां पर छत्तीसगढ़ के इतिहास के साथ-साथ देष के इतिहास व उनसें जुड़ी कहानियों का संग्रहालय रहेगा। विदेषी पर्यंटकों को म्यूजियम में भारत दर्षन हो सकेगा।
हस्तषिल्प कला से होंगे रूबरू साथ में ई-लाइब्रेरी भीः डोंगरगढ़ आनें वालें पर्यंटक छत्तीसगढ़ व अन्य राज्यों की हस्तषिल्प कला से भी रूबरू होंगे। हस्तषिल्प से सामान तैयार होनें वालें सामानों की बिक्री यहां पर होगी। जिससें कलाकारों को रोजगार तथा भारत की कला दूसरें देषों में भी जानी जाएगी। हस्तषिल्प में खासकर बस्तर की कला को अंतरराश्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। वहीं बिल्डिंग में विषाल ई-लाइब्रेरी की भी सुविधा रहेगी। जहां पर पर्यंटक किसी भी समय लाइब्रेरी में जाकर बुक पढ़ सकेंगे।
श्रीयंत्र के नीचे यह सब की भी सुविधाः केंद्र सरकार की पर्यंटन को बढ़ावा देने के लिए एक बहुत की विषेश पहल है। मोटल व ओपन एयर थियेटर के अलावा 9.52 एकड़ में लॉन, लैंड स्कैपिंग, कैफेटेरिया का भी निर्माण होगा। एक बिल्डिंग के नीचे यह सब सुविधा मिलेगी। सुविधा विकसित होनें के बाद देष के पर्यंटन मैप पर डोंगरगढ़ को स्थान मिल जाएगा तथा विदेषी पर्यंटकों की संख्या बढ़ानें का उद्देष्य षामिल है। वर्तमान में विदेषी पर्यंटकों का प्रतिषत 0.68 है, जिसे एक प्रतिषत करनें का लक्ष्य है।
डोंगरगढ़- प्रसाद योजना के क्रियान्वयन से पहलें विधायक व अफसरों ने देखी व्यवस्था, प्रस्तावित स्थल को एडवेंचर स्पोर्ट्स से भी जोड़नें पर हुई चर्चा
