- दोषियों पर कार्रवाई न करने, आरोपियों को बचाने एवं पीड़ितों को बार बार प्रताड़ित करने से पुलिस प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी
- कांग्रेस नेता गोरेलाल साहू के खिलाफ ग्रामीणों ने खोला मोर्चा,मुख्यमंत्री के नाम एस डी एम को सौंपे ज्ञापन
पुरूषोत्तम कैवर्त/ कसडोल : ग्राम पंचायत खैरा (क) वि. खं. कसडोल के ग्रामीणों ने रेत माफिया, सरपंच एवं सरपंच संघ अध्यक्ष कसडोल के प्रतिनिधि तथा स्वयं जिला पंचायत सभापति एवं दबंग कांग्रेस नेता गोरेलाल साहू के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आज ग्राम पंचायत खैरा (क) के ग्रामीणों ने स्थानीय निवासी सरपंच संघ अध्यक्ष कसडोल के प्रतिनिधि, दबंग कांग्रेस नेता एवं जिला पंचायत सभापति गोरेलाल साहू के विरुद्ध लामबंद होकर उनके खिलाफ पुलिस थाना कसडोल के सामने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किए। वहीं ग्रामीणों से मारपीट करने वाले आरोपियों पर कार्रवाई नहीं कर उल्टे पीड़ितों को परेशान करने वाली पुलिस प्रशासन के खिलाफ भी नारेबाजी की। उक्त धरना प्रदर्शन में शामिल होने पांप्लेट के माध्यम से अनेक संगठनों का भी आह्वान किया गया था। विभिन्न मांगों को लेकर रैली की शक्ल में एसडीएम कार्यालय पहुंचे जहां मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कसडोल को सौंपे। हमारे प्रतिनिधि से चर्चा करते हुए ग्रामीणों ने कहा कि विगत 22 वर्षों से गोरेलाल साहू द्वारा रेत का अवैध खनन एवं विक्रय किया जा रहा है। उनके विरुद्ध आवाज उठाने पर दिनांक 09/11/2020 को खैरा (क) निवासी धारेलाल दिव्यकार सेवा निवृत्त प्राचार्य एवं गणेश राम दिवाकर(उपसरपंच पति) को गोरेलाल साहू रेत माफिया, उनके भाइयों, भतीजों ड्राइवरों एवं उनके द्वारा बाहर से लाए गए चार गुंडों द्वारा जान से मारने की साजिश किया गया। बचाव करने गई धारेलाल गुरुजी की पत्नी सावित्री दिव्यकार की हाथ एवं चोंटी को पकड़कर खींचते हुए बेइज्जत करने की नीयत से छेड़छाड़ किया गया। जिसका लिखित रिपोर्ट थाना कसडोल में करने पर भी मिलिंद पांडेय (डीएसपी) थाना प्रभारी कसडोल एवं गणेश राम कुर्रे (ए एस आई) द्वारा एफ आई आर दर्ज नहीं कर आरोपियों के बचाव का प्रयास करते हुए समझौता करने हेतु दबाव डाला गया। समझौता न करने पर काउंटर केश दर्ज कर चालान करने की धमकी दिया गया। मेडिकल कराने हेतु धारेलाल डिव्यकार एवं गणेश राम दिवाकर को भेजा गया। पीड़िता सावित्री दिव्यकार का बाल उखड़ा था एवं चूड़ी फूटने से हाथ पर खरोंच आ गया था, फिर भी उनका मेडिकल नहीं कराया गया। यहां तक कि घटना स्थल पर जाकर जांच कर जप्ती बनाने की आवश्यकता ही महशूस नहीं किया गया। उल्लेखनीय तथ्य यह है कि आज दिनांक तक नियमानुसार केश डायरी आ जा क पुलिस थाना बलौदाबाजार नहीं भेजा गया है और न हि एफ आई आर दर्ज होने के 24 दिनों के बाद भी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया है। इसी से आहत होकर यह धरना प्रदर्शन करने ग्रामीणों को बाध्य होना पड़ा है।
आगे ग्रामीणों ने बताया कि जब से छत्तीसगढ़ में सत्ता परिवर्तन हुआ और कांग्रेस पार्टी की सरकार बनी है तब से एक तरफ काम धाम ठप्प पड़े हुए हैं वहीं आम आदमी किसान मजदूरों को आए दिन परेशान होना पड़ रहा है। भूपेश बघेल सरकार ने किसानों के साथ छल कर खेत का रकबा काटा गया है वहीं कांग्रेस के नेता ग्रामीणों पर आए दिन अत्याचार कर रहे हैं। अौर सत्ता मद में चूर कांग्रेसी नेता अधिकारियों पर अनावश्यक दबाव बना रहे हैं। यही कारण है कि सरकार के दबाव के आगे अधिकारी कर्मचारी गरीब किसान एवं मजदूरों की आवाज को दबाने का प्रयास कर रहे हैं और जनता को सबको पर आकर धरना प्रदर्शन करना पड़ रहा है। जो प्रदेश वासियों के लिए दुर्भाग्य जनक है।