बलरामपुर : राज्य शासन द्वारा कोरोना संक्रमित मरीजों की देखभाल तथा उपचार के लिए विशेष कोविड अस्पताल तथा आइसोलेशन सेंटर की व्यवस्था के साथ ही निम्न लक्षण या बिना लक्षण वाले वाले मरीजांे को होम आइसोलेट कर उनकी निगरानी की जा रही है। होम आइसोलेशन में मरीजों को घर पर ही अलग कर उनका उपचार करने तथा आवश्यकता पड़ने पर उन्हें कोविड केयर सेंटर में शिफ्ट किया जाता है। जिले में भी कोविड अस्पताल, आइसोलेशन सेंटर तथा होम आइसोलेशन की व्यवस्था की गई है। होम आइसोलेट मरीजों के लिए डेडिकेटेड कोविड कॉल सेंटर जिला एवं समस्त विकासखण्डों में स्थापित किये गए है जहां उनका निरंतर फॉलोअप कर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी लेकर उचित सलाह दी जाती है। कोरोना संक्रमण की वजह से मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए काउंसलर की व्यवस्था भी की गई है जो मरीजों से बात कर उनका आत्मबल बढ़ाने के साथ ही उनकी शंकाओं को दूर करते है। 24 घंटे चलने वाले इस कोविड कॉल सेंटर में किसी आपात स्थिति में भी मोबाईल नम्बर 8959748421 एवं 8770359310 सम्पर्क कर सहायता प्राप्त की जा सकती है।
समूचा विश्व इस समय कोविड-19 से प्रभावित है और छत्तीसगढ़ राज्य भी इस स्वास्थ्य आपदा से अछूता नहीं है। मानव स्वास्थ्य की रक्षा और देखभाल हेतु राज्य शासन ने जरूरी कदम उठाए और उसे अमल में लाया। स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने निरन्तर प्रयास किया है। कोरोना संक्रमित होम आइसोलेट मरीजों के लिए कॉल सेंटर के माध्यम से बेहतर विकल्प प्रदान किया है जिससे उन्हें घर बैठे ही जरूरी जानकारी तथा बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही है। कुछ कोरोना संक्रमित मरीजों ने अपना अनुभव साझा करते हुए उन्हें कोविड कॉल सेंटर से मिले सहयोग की जानकारी दी। विकासखण्ड बलरामपुर के ग्राम कपिलदेवपुर निवासी एक संक्रमित मरीज ने बताया कि वे कुछ दिन पूर्व संक्रमित पाए गए उन्हें हल्का बुखार था, डॉक्टरों ने उनसे संपर्क कर स्वास्थ्य संबंधी तथा घर की जानकारी ली और उसी के आधार पर होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी। उन्होंने आगे बताया कि स्वास्थ्यकर्मियों ने उन्हें दवाइयां उपलब्ध करवाई है। यदि मुझे कोई दिक्कत होती है तो मैं उनसे बात कर अपनी शंकाओं को दूर कर सकता हूं। ऐसी ही कुछ बातें विकासखण्ड बलरामपुर के मिशन रोड में रहने वाली एक महिला ने बताया जो कुछ दिन पूर्व ही संक्रमित हुई थी। कोई लक्षण न होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें भी होम आइसोलेशन की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम के द्वारा उन्हें दवाइयां और काढ़ा उपलब्ध करवाया गया था, सलाह के अनुसार इसका सेवन कर रही हूं। डेडिकेटेड कोविड कॉल सेंटर से सुबह-शाम फोन के माध्यम से स्वास्थ्य की जानकारी लेकर दिक्कत होने पर तत्काल सूचित करने की सलाह दी जाती हैं। उनका कहना है कि स्वास्थ्य विभाग सक्रियता से अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है, कोरोना से संक्रमित होने पर अलग रहना पड़ता है ऐसी स्थिति में इस तरह का सहयोग मिलने से मनोबल बढ़ता है।
कोविड कॉल सेंटर में कार्यरत डॉ.मधु ने बताया कि किसी व्यक्ति के संक्रमित होने पर सर्वप्रथम उसके स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी लेकर उसी के आधार पर होम आइसोलेशन अथवा कोविड केयर सेंटर में शिफ्ट किया जाता है। चूंकि कोविड केयर सेंटर में सभी सुविधाएं उपलब्ध होती है लेकिन होम आइसोलेशन में हमें लगातार फॉलोअप लेना पड़ता है ताकि मरीज को दिक्कत न हो साथ ही कॉल सेंटर के द्वारा दिन में दो बार कॉल के माध्यम से स्वास्थ्य की जानकारी लेते है। आइसोलेट होने की वजह से मरीज का मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित न हों इसलिए कॉल सेंटर में काउंसलर की व्यवस्था भी की गई है। काउंसलर द्वारा अब तक 650 व्यक्तियों की काउंसिलिंग कर उन्हें योगा तथा कोरोना के प्रति मानसिक रूप से मजबूत करने की प्रेरणा दी जा रही है। कोविड एप्रोप्रियट बिहेवियर का पालन करने की अपील भी की जा रही है। इस व्यवस्था से मरीजों को लाभ मिला है कोविड से जुड़े उनके सवाल का जवाब भी तत्काल मिल जाता है।
समूचा विश्व इस समय कोविड-19 से प्रभावित है और छत्तीसगढ़ राज्य भी इस स्वास्थ्य आपदा से अछूता नहीं है। मानव स्वास्थ्य की रक्षा और देखभाल हेतु राज्य शासन ने जरूरी कदम उठाए और उसे अमल में लाया। स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने निरन्तर प्रयास किया है। कोरोना संक्रमित होम आइसोलेट मरीजों के लिए कॉल सेंटर के माध्यम से बेहतर विकल्प प्रदान किया है जिससे उन्हें घर बैठे ही जरूरी जानकारी तथा बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही है। कुछ कोरोना संक्रमित मरीजों ने अपना अनुभव साझा करते हुए उन्हें कोविड कॉल सेंटर से मिले सहयोग की जानकारी दी। विकासखण्ड बलरामपुर के ग्राम कपिलदेवपुर निवासी एक संक्रमित मरीज ने बताया कि वे कुछ दिन पूर्व संक्रमित पाए गए उन्हें हल्का बुखार था, डॉक्टरों ने उनसे संपर्क कर स्वास्थ्य संबंधी तथा घर की जानकारी ली और उसी के आधार पर होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी। उन्होंने आगे बताया कि स्वास्थ्यकर्मियों ने उन्हें दवाइयां उपलब्ध करवाई है। यदि मुझे कोई दिक्कत होती है तो मैं उनसे बात कर अपनी शंकाओं को दूर कर सकता हूं। ऐसी ही कुछ बातें विकासखण्ड बलरामपुर के मिशन रोड में रहने वाली एक महिला ने बताया जो कुछ दिन पूर्व ही संक्रमित हुई थी। कोई लक्षण न होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें भी होम आइसोलेशन की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम के द्वारा उन्हें दवाइयां और काढ़ा उपलब्ध करवाया गया था, सलाह के अनुसार इसका सेवन कर रही हूं। डेडिकेटेड कोविड कॉल सेंटर से सुबह-शाम फोन के माध्यम से स्वास्थ्य की जानकारी लेकर दिक्कत होने पर तत्काल सूचित करने की सलाह दी जाती हैं। उनका कहना है कि स्वास्थ्य विभाग सक्रियता से अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है, कोरोना से संक्रमित होने पर अलग रहना पड़ता है ऐसी स्थिति में इस तरह का सहयोग मिलने से मनोबल बढ़ता है।
कोविड कॉल सेंटर में कार्यरत डॉ.मधु ने बताया कि किसी व्यक्ति के संक्रमित होने पर सर्वप्रथम उसके स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी लेकर उसी के आधार पर होम आइसोलेशन अथवा कोविड केयर सेंटर में शिफ्ट किया जाता है। चूंकि कोविड केयर सेंटर में सभी सुविधाएं उपलब्ध होती है लेकिन होम आइसोलेशन में हमें लगातार फॉलोअप लेना पड़ता है ताकि मरीज को दिक्कत न हो साथ ही कॉल सेंटर के द्वारा दिन में दो बार कॉल के माध्यम से स्वास्थ्य की जानकारी लेते है। आइसोलेट होने की वजह से मरीज का मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित न हों इसलिए कॉल सेंटर में काउंसलर की व्यवस्था भी की गई है। काउंसलर द्वारा अब तक 650 व्यक्तियों की काउंसिलिंग कर उन्हें योगा तथा कोरोना के प्रति मानसिक रूप से मजबूत करने की प्रेरणा दी जा रही है। कोविड एप्रोप्रियट बिहेवियर का पालन करने की अपील भी की जा रही है। इस व्यवस्था से मरीजों को लाभ मिला है कोविड से जुड़े उनके सवाल का जवाब भी तत्काल मिल जाता है।