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हिंडालको कंपनी द्वारा सामरी में वनों की अवैध कटाई एवं बॉक्साइट के अवैध उत्खनन की शिकायत प्रधानमंत्री से

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  • शासन की रॉयल्टी को भी लगा रही चपत उत्खनन क्षेत्र में सुविधा प्रदान करने के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति
  • दो दशक से कम्पनी कानून और नियमों का मजाक बना रही मगर आज तक क्यों नहीं हुई ठोस कार्यवाही ?

बलरामपुर : बलरामपुर जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 9 से सदस्य अंकुश सिंह ने प्रधानमंत्री को पत्र लिख हिंडालको कंपनी के द्वारा सामरी क्षेत्र में वनों की की जा रही अवैध कटाई एवं बॉक्साइट के अवैध उत्खनन का आरोप लगाते हुए इसे रोके जाने की मांग की है। प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में जिला पंचायत सदस्य अंकुश सिंह ने उल्लेख किया है कि सामरी के टाटीझरिया क्षेत्र में हिंडाल्को कंपनी के द्वारा बॉक्साइट उत्खनन का कार्य विगत कई वर्षों से किया जा रहा है लेकिन कंपनी के द्वारा बॉक्साइट उत्खनन के दौरान वनों की अवैध कटाई एवं जंगल का सफाया किया जा रहा है। साथ ही साथ अवैध बॉक्साइट खनन बड़े भूभाग में वर्ष 1996 से जारी है। श्री सिंह ने आरोप लगाया कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों के विरोध के बावजूद भी हिंडालको के द्वारा बुनियादी मूलभूत सुविधाएं, जो प्रदान करनी चाहिए, उसके नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है एवं ग्रामीणों को छला जा रहा है। जिससे स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण आक्रोशित है। इस संबंध में कई बार प्रशासन को अवगत कराया गया परंतु आज तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई। जिस कारण मैंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर यहां की वस्तुस्थिति से से अवगत कराया है। मगर सबसे बड़ा सवाल ये है कि दो दशक से भी अधिक समय से हिंडाल्को कम्पनी सभी कानून और नियमों का मजाक बना रही, पर्यावरण को क्षति पहुंचा रही बावजूद इसके आज तक कम्पनी पर ठोस कार्यवाही नहीं की गई है। आखिरकार राज्य शासन एवं प्रशासन हिंडाल्को कम्पनी के सामने क्यों मजबूर साबित होती आई है। ये हैरान करने वाला तथ्य और स्याह हकीकत है।

उत्खनन के बाद नहीं कराया जाता समतलीकरण –
जिला पंचायत सदस्य अंकुश सिंह ने आरोप लगाया कि हिंडालको कंपनी के द्वारा एक ओर अवैध उत्खनन बॉक्साइट का किया जाता ही है वहीं दूसरी ओर उत्खनन के बाद भूमि का समतलीकरण नहीं कराया जाता है, जिससे भूमि किसी भी उपयोग लायक नहीं रहती।

उत्खनन क्षेत्र में सुविधा प्रदान करने के नाम पर हो रही है खानापूर्ति –
आगे उन्होंने आरोप लगाया कि उत्खनन क्षेत्र में सड़क स्वास्थ्य बिजली सहित अन्य व्यवस्थाएं जो प्रदान करनी चाहिए, वह नहीं की जा रही है। सड़क, स्वास्थ्य, बिजली सहित अन्य व्यवस्था के नाम पर सिर्फ कागजी खानापूर्ति में कंपनी लगी हुई है।

ग्रामीण है चिंतित, वनों का हो रहा है विनाश –
उन्होंने विशेष रूप से ध्यानाकर्षण कराया है कि जिस प्रकार से वनों की अवैध कटाई अंधाधुन्ध हो रही है इससे क्षेत्र के आदिवासी बहुत ही चिंतित है। क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों के बड़ी जनसंख्या वनों पर ही आश्रित है। ऐसे में वन के कट जाने से उनके आजीविका प्रभावित होगी ही, वहीं पर्यावरण को भी बड़ा नुकसान हो रहा है।

नहीं सुनते पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों की –
जिला पंचायत सदस्य अंकुश सिंह ने आरोप लगाया कि हिंडालको कंपनी की मनमानी ऐसी है कि वह स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों की नहीं सुनते। कम्पनी मनमानी रूप से अवैध तरीके से वनों की कटाई एवं बॉक्साइट का उत्खनन कर रही हैं। शिकायतों के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं होती, कार्यवाही के नाम पर सिर्फ कागजी खानापूर्ति होती है। जिससे अब ग्रामीण जनप्रतिनिधि बेबस एवं लाचार हो गए हैं।

शासन को भी हो रहा है लाखों रुपए की रॉयल्टी का नुकसान –
हिंडालको कंपनी के मनमानी से ऐसा नहीं है कि सिर्फ ग्रामीण ही प्रभावित हैं बल्कि इससे शासन को भी लाखों के रॉयल्टी का नुकसान हो रहा है। जिस प्रकार से कंपनी के द्वारा अवैध उत्खनन एवं वनों की अवैध कटाई की जा रही है इसे तत्काल रोके जाने की आवश्यकता है।

लाखों पेड़ स्वाहा’ नहीं किया वृक्षारोपण –
हिंडालको कंपनी द्वारा बॉक्साइट का उत्खनन किया जा रहा है तब से लेकर आज तक लाखों पेड़ों की कटाई कर दी गई है। परंतु वृक्षारोपण करने में कंपनी ने तत्परता नहीं दिखाई, जिससे आज जिस क्षेत्र में उत्खनन हुआ है, वह क्षेत्र पेड़ विहीन हो गए हैं।

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