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बीएसपी के जेएलएन अस्पताल में “राष्ट्रीय नवजात शिशु सप्ताह” का सफल आयोजन

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तापस सन्याल/ भिलाई : इस्पात संयंत्र के जवाहरलाल नेहरु चिकित्सालय एवं अनुसंधान केन्द्र के शिशु रोग विभाग और नवजात शिशु विभाग के तत्वावधान में 15 से 21 नवम्बर, 2020 तक “राष्ट्रीय नवजात कार्य योजना” के अनुसार-राष्ट्रीय नवजात मृत्यु दर में कमी हेतु किए गए उत्कृष्ट प्रयासों को बनाए रखने के उद्देश्य से ”राष्ट्रीय नवजात शिशु सप्ताह-2020” मनाया गया। इस वर्ष की थीम है “प्रत्येक नवजात शिशु को प्रत्येक स्थान पर गुणवत्ता, समानता व गरिमापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त हो।” उल्लेखनीय है कि मरीजों के उत्कृष्ट देखभाल के लिए विख्यात जेएलएन चिकित्सालय की संयुक्त निदेशक एवं विभागाध्यक्ष शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ संबिता पंडा साक्ष्य आधारित चिकित्सा में विश्वास करती हैं। जवाहरलाल नेहरु चिकित्सालय एवं अनुसंधान केन्द्र के नवजात इकाई में नवजात शिशुओं की एनएमआर की घटती दर एवं क्वालिटी सर्वाइवल वृद्धि हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस अवसर पर डॉ संबिता पंडा और डॉ मीता सचदेवा ने एन्टेनाटल ओपीडी में भावी माताओं को सम्बोधित किया। इस कार्यक्रम में जेएलएन अस्पताल के संयुक्त निदेशक एवं नियोनेटल इंचार्ज डॉ सुबोध साहा के मार्गदर्शन में डॉ वृंदा तथा डॉ माला ने कौशल प्रशिक्षण हेतु पीडियाट्रिक रेसीडेन्ट्स को उन्नत नवजात शिशु पुनर्जीवन विषय पर हैंड्स ऑन ट्रेनिंग प्रदान किया। इस दौरान डॉ माला चौधरी ने शैक्षणिक उत्कृष्टता की आवश्यकता को पूरा करने के लिए पीडियाट्रिक रेसीडेन्ट्स चिकित्सकों हेतु नियोनेटोलॉजी में विजुअल और रैपिड फॉयर क्वेश्चन के साथ संस्थागत स्तर के पोस्ट ग्रेजुएट क्विज का आयोजन किया। इसी कड़ी में जहाँ जेएलएन अस्पताल के संयुक्त निदेशक एवं नवजात प्रभारी डॉ सुबोध साहा, डॉ नूतन वर्मा, डॉ संजीबनी पटेल और डॉ वृन्दा ने प्रतिबद्ध टीम के साथ, आवश्यक नवजात शिशु देखभाल के संबंध में प्रसवोत्तर माताओं को शिक्षित किया। वहीं जेएलएन अस्पताल के संयुक्त निदेशक एवं प्रेसीडेंट, दुर्ग-भिलाई एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के डॉ एन एस ठाकुर ने डॉ कौशिक और डॉ रुचिका के साथ पीडियाट्रिक ओपीडी में नवजात समस्याओं को सक्रियता से संबोधित किया।सेल-बीएसपी के जवाहरलाल नेहरु चिकित्सालय एवं अनुसंधान केन्द्र में सप्ताह भर आयोजित इस कार्यक्रम में नवजात पुनर्जीवन में आवश्यक नवजात शिशु देखभाल और रेसीडेन्ट डॉक्टरों को प्रशिक्षित करने तथा भावी माताओं को जागरूक करने से संबंधित जानकारी प्रदान की गई।

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