कमलेश रजक/ मुंडा : वैश्विक महामारी कोरोना पीड़ितों को सहायता करने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष, प्रधानमंत्री राहत कोष में जमा करने के लिए धोबी समाज कूरा राज धरसीवा परिक्षेत्र के समाज जनों से घर घर जाकर राशि वसूल पदाधिकारियों के द्वारा की गई। पदाधिकारियों ने अध्यक्ष कोषाध्यक्ष को अप्रैल माह में ही राशि सौंप दी थी परंतु आज तक के उक्त राशि जमा नही की गई जिस पर से प्रदेश समाज ने संज्ञान लेते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष महेश निर्मलकर एवं कूरा राज के कोषाध्यक्ष प्रेम निर्मलकर को दोषी पाया। व्हाट्सएप ग्रुप में प्रदेश अध्यक्ष श्री सूरज निर्मलकर द्वारा यह भी कहा गया कि अगर कुछ राशि खर्च कर लिए होंगे तब भी समाज को बदनामी से बचाने के लिए अपनी ओर से 20से 25 हज़ार डाल देंगे आप लोग जोड़ करके राशि को राहत कोष में जमा कर दें। परंतु अभी तक इन लोगों के द्वारा राशि जमा नहीं की गई। क्षेत्र के ग्रामीण पंचों ने शिकायत करते हुए कहा इन तथाकथित पदाधिकारियों से ग्रामीण जन परेशान हैं और आए दिन सामाजिक न्याय के नाम पर आयोजन के नाम पर राशि वसूलते रहते हैं अन्यथा समाज से बहिष्कृत करने की भी धमकी देते हैं। प्रदेश समाज ने महेश निर्मलकर को प्रदेश उपाध्यक्ष पद से मुक्त किया और आगे की कार्यवाही के लिए धरसीवा क्षेत्र में ही बैठक करके निराकरण करने के लिए समाज जनों को आग्रह किया। सोशल मीडिया व्हाट्सएप ग्रुप में भाग लेने और रूबरू प्रस्ताव रखने और समर्थन करने वालों में प्रमुख रूप से प्रदेश अध्यक्ष सूरज निर्मलकर, जांजगीर के जिलाध्यक्ष विजय बरेठ, बलौदा बाजार के जिलाध्यक्ष कमलेश रजक, दिलीप निर्मलकर, भुनेश्वर निर्मलकर, रायपुर के अध्यक्ष वरुण निर्मलकर, पार्षद बसंत निर्मलकर, योगेश निर्मलकर, युवा अध्यक्ष अंबे बघमार, मनीष निर्मलकर, ललित बरेठ, प्रवक्ता मनाराम निर्मलकर, गरीबा निर्मलकर, शेखू निर्मलकर, कन्सू निर्मलकर आदि अनेक पदाधिकारी शामिल हुए। समाज के लोगों ने 25 अक्टूबर को कूरा राज धरसीवा परीक्षेत्र का चुनाव कराने का निर्णय लिया है और उसी दिन दोषी पदाधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही और नए पदाधिकारियों को शपथ के साथ चेतावनी देकर चयन करने की जानकारी दी है।
कोरोना के नाम पर चंदा वसूल के राहत कोष में जमा नहीं करने वाले पदाधिकारी को धोबी समाज ने हटाया

