तखतपुर । नगर के मंदिर माँ महामाया मे भक्त दर्शन करने पहुचें। यहां कुल 751ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किया गया है। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया है। मास्क पहनकर ही प्रवेश किया जा रहा है। विभिन्न वार्ड में माँ दुर्गा की प्रतिमा स्थापित किया गया है। वही सभी मंदिरों व भक्त अपने घरो मे दीप प्रज्ज्वलित किया गया है । नवरात्र के प्रथम दिन शनिवार को मां शैलपुत्री की आराधना की गई। मां शैलपुत्री की पर्वतराज हिमालय की पुत्री के रूप में पूजी जाती हैं। इनका रूप सौम्य और शांत है। सफेद वस्त्र धारण की हुईं इन देवी के चेहरे पर हमेशा मुस्कान रहती है। माना जाता है कि देवी शैलपुत्री की आराधना करने से तामसिक तत्वों से मुक्ति व घर परिवार पवित्र रहता है। शैलपुत्री माता की कथा, आरती, दुर्गा चालीसा, दुर्गा स्तुति और दुर्गा स्तोत्र का पाठन व शैलपुत्री माता मंत्र –ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे, ॐ शैलपुत्री देव्यै नम: ॐ शं शैलपुत्री देव्यै: नम:। वन्दे वांच्छित लाभायचंद्रार्धकृतशेखराम्। वृषारूढ़ां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्।ॐ या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता , नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ॐ शैलपुत्रै नमः।
नवरात्र के प्रथम दिन मां शैलपुत्री की आराधना

