रायपुर। राजभवन में पदस्थापना के चलते राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उड़के की नाराजगी के बीच सरकार के मंत्री रविन्द्र चौबे और मोहम्मद अकबर ने उनसे मुलाकात की। दोनों मंत्रियों ने कहा- कि राज्यपाल से टकराव या तल्खी जैसी कोई बात नहीं है। सुश्री उड़के बिना जानकारी के सचिव बदलने से नाखुश बताई जा रही हैं। उन्होंने इस सिलसिले में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र भी लिखा है। जिसमें राज्यपाल के सचिव सोनमणि वोरा की जगह अमृत खलको की पदस्थापना पर सवाल उठाए हैं। सुश्री उड़के ने लिखा कि राज्यपाल के सचिव का पद कैडर का पद है और राज्यपाल राज्य का संवैधानिक प्रमुख है। ऐसे में अतिरिक्त प्रभार वाले अफसर होने के कार्य की गुणवत्ता और व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। खलको के पास कृषि सचिव का अतिरिक्त दायित्व भी है। राज्यपाल की पदस्थापना को लेकर आपत्ति के बाद खलको अभी तक जाइनिंग नहीं दे पाए हैं। राज्यपाल की नाराजगी को देखते हुए संसदीय कार्यमंत्री श्री चौबे और वममंत्री श्री अकबर उनसे मिलने पहुंचे। राज्यपाल से दोनों मंत्रियों की करीब आधा घंटे बातचीत हुई। बाद में मीडिया से चर्चा में दोनों मंत्रियों ने कहा कि टकराव या तल्खी जैसी कोई बात नहीं है। राज्यपाल हमारे संवैधानिक प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि शासन और राजभवन के बीच संवाद की प्रक्रिया चलती रहती है। जो जानकारियां मांगी जाती है, उन्हें सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जाता है। कहीं भी टकराव जैसी कोई बात नहीं है।
राजभवन में पदस्थापना के चलते राज्यपाल से मिलने पहुंचे दो वरिष्ठ मंत्री, दोनों मंत्रियों ने कहा- राज्यपाल से टकराव या तल्खी जैसी कोई बात नहीं

