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डीजल के फर्जी बिल मामले मे सीएमओ ने भृत्य साहू और इंजीनियर राठीया को थमाया नोटिस,  मांगा जवाब, होगी कार्यवाही…!

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  • लगभग २०० लीटर डीजल की लगी फर्जी बिल वाउचर
  • इंजीनियर राठिया और भंडारण प्रभारी दयालु साहू के मिली भगत से फर्जीवाडा आया सामने।
  • नगर पंचायत गंडई का मामला

मयंक सुराना/गंडई पंडरिया : स्थानीय नगर पंचायत गंडई मे इन दिनो मन मर्जी व दबाव पूर्वक कार्य करने की चर्चा जोरों पर है यहाँ चल रही मनमानी किसी से छुपी नहीं है। उल्लेखनीय है की गत दिनो संबन्धित विभाग के कर्मचारी के द्वारा मनमानी करते हुये फर्जी बिल तैयार कर पास करवाने और बिल पेमेंट के लिए फाइल भी तैयार करने का मामला प्रकाश मे आया है मामले को देखते हुये कांग्रेस पार्टी के जनप्रतिनिधियों द्वारा लगातार न.पं. सीएमओ के ऊपर दबाव बनाया जा रहा था जिस को गंभीरता पूर्वक लेते हूए सीएमओ श्री शुक्ला ने सबंधित विभाग के कर्मचारियो के नाम नोटिस जारी करते हुये उचित कार्यवाही करने की बात कही। वही जानकारी के अनुसार इस मामले मे लिप्त कर्मचारी इस फर्जी बिल को लेकर लिपिकीय त्रुटि बताया जा रहा है वही पंपकुली एवं भंडारण प्रभारी साथ ही लोक निर्माण का कार्य देख रहे पीड़ित दयालू साहू अपने गंभीर मामले से छुटकारा पाने के लिए स्थानीय तथाकथित नेताओ के चक्कर काटने की जानकारी सामने आ रही है। नगर पंचायत गंडई में कर्मचारियों की मनमानी और कमोजरी तो लगातार सामने आते रहे है। मगर इस बार एक ऐसा मामला प्रकाश में आया है जिसको लेकर कोई सोच भी नही सकता। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नगर पंचायत गंडई में फायर ब्रिगेड गाड़ी का एक ऐसा बिल बनाया गया है जिसमे गाड़ी में डीजल ही नही डला है और पहले ही बिल तैयार कर लिया गया है। जिसमे मुख्य नगर पालिका अधिकारी के मृत्यु के दो महीने बाद उनके दस्खत, सील, साईन है। अब इसमें सवाल ये उठता है कि मृत्यु के कुछ महीने बाद नगर पंचायत अधिकारी इस बिल में दस्खत करने के लिए फिर से जिंदा हो गए हो या उनके सील और साईन का कुछ लोग गलत इस्तिमाल कर फर्जी तरीके से बिल बना लिए हो। खैर मामला क्या है ये तो जांच में ही सामने आएगा मगर ऐसा किया गया है तो ये चार सौ बीसी कर फर्जी तरीके से शासकीय कार्यो और दस्तावेजों का दुरुपयोग किया गया जाना है। सूत्र यह भी बताते है की फायर ब्रिगेड के डीजल टैंक मे १६० लीटर ही डीजल आ पाता है तो यहाँ सवाल उठता है की २०० लीटर डीजल का बिल बना कैसे।
प्रभार बदलते ही मामले का हुआ खुलासा :– सूत्रो से जानकारी मिली की विगत कुछ दिनो पहले जनप्रतिनिधियों के द्वारा लगातार विभाग के प्रभार को लेकर बातचीत हुई थी जिस पर अधिकारी शुक्ला के द्वारा पंचायत के कार्यो को देखते हुये सुचारु रूप से कार्य का संचालन करने के लिए विभाग मे फेर बादल किया गया था वही प्रभार बदलने के दरमियान फाइलों का एक कर्मचारी से दूसरे कर्मचारी को फाइल देकर कार्य की ज़िम्मेदारी सौपा गया। उसी दरमियान लगभग सप्ताह भर पहले ही फर्जी बिल मामले का खुलासा हुआ जो मामला तुल पकड़ते जा रहा है।
अधिकारी के देहांत के दो महीने बाद उनका दस्खत वाला बिल सामने आना जांच का विषय :- जानकारी के अनुसार पूर्व में नगर पंचायत गंडई में पदस्त सीएमओ खुमान सिंह कश्यप का अचानक हृदय घात से विगत २६/०६/२० को अचानक निधन हो गया था १८/०८/२० को दो महीने बीत जाने के बाद सील साईन वाला डीजल पर्ची सोशल मीडिया में लीक हुवा है जिसके बाद इस पूरे मानले पर फर्जी तरिके से बिल बना कर गबन करने की आशंका जाहिर किया जा रहा है।
आरटीआई की चाहि गई जानकारी मे हो सकता है बढ़ा खुलासा :– ज्ञात हो की मामले की तह तक जाने के लिए एवं उसमे सत्यता प्रदर्शित करने के लिए युवा कांग्रेस के गंडई ब्लाक अध्यक्ष व ऊर्जावान युवा नेता शुभम बघेल ने नगर मे सबमर्शिबल मोटर पंप कहाँ–कहाँ कब लगा है वर्ष २०१८ से २०२० तक जानकारी मांगी गई है जानकारी की सत्यापित प्रति मिलने के बाद और कई प्रकार के बाते सामने आएंगे जो रोचक और चौकने वाले हो सकते है।
(१) वही फर्जी बिल मामले मे नगर पंचायत के भृत्य दयालु साहू का से सेल फोन के माध्यम से संपर्क किया गया तो उनके द्वारा नोटिस के बारे मे अनभिज्ञता जाहीर करते हुये अधिकारी ही बता पाएंगे कहकर फोन काट दिया गया।
(२) दूसरी ओर इसी मामले मे नगर पंचायत अभियंता रूपेश राठीया से बात करने पर बताया की उच्च अधिकारी से नोटिस प्राप्त हुआ था जिसका जवाब दे दिया गया है।

उक्त फर्जी डीजल बिल के मामले मे सीएमओ प्रमोद कुमार शुक्ला का कहना है की संबन्धित कर्मचारी को नोटिस देकर जवाब मांगा गया था उनके द्वारा जवाब दिया गया है मामले को देखते हुये जल्द ही एक्शन लिया जाएगा।

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