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रेत के अवैध उत्खनन एवं परिवहन मामले में एस डी एम ने सरपंचों को थमाया नोटिस 

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  • नोटिस से सरपंचों में आक्रोश,  कहा- किस आधार पर लगाएंगे रोक 

पुरूषोत्तम कैवर्त/ कसडोल : अवैध रूप से रेत उत्खनन एवं परिवहन को रोकने तथा रेत माफियाओं पर अंकुश लगाने में अक्षम एस डी एम द्वारा अवैध रेत उत्खनन मामलों में सरपंचों को थमाया धारा 40 की नोटिस । एस डी एम द्वारा सरपंचों को नोटिस जारी किए जाने से सरपंचों में आक्रोश व्याप्त है , क्योंकि शासन द्वारा रेत खदान मामले में सरपंचों को प्राप्त अधिकार वापस ले लिया गया है । छत्तीसगढ़ राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद रेत के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर रोक लगाने के उद्देश्य से शासन द्वारा रेत खदानों को ठेका पर दिए जाने खनिज अधिनियमों में बदलाव किए गए हैं । रेत के अवैध उत्खनन एवं परिवहन से हो रहे शासन की राजस्व क्षति को रोकने के उद्देश्य से शासन द्वारा सभी जिला खनिज अधिकारियों को रेत खदानों को चिन्हांकित कर ठेका पर दिए जाने पत्र भी जारी कर दिया गया है तथा जिला खनिज विभाग द्वारा रेत खदानों का चिन्हांकन कर ठेका भी दे दिया गया है लेकिन कोरोना काल होने के कारण तथा शासन द्वारा 15 जून से 15 अक्टूबर मानसून सत्र में किसी भी नदी से रेत के उत्खनन एवं परिवहन पर रोक लगा दिया गया है , इसके बावजूद रेत माफियाओं द्वारा रेत का खुलेआम अवैध रूप से उत्खनन एवं परिवहन किया जा रहा है । ग्रामीणों द्वारा रेत के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर रोक लगाने खनिज विभाग सहित अन्य जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों को बार बार सूचनाऍ देने के बाद भी संबंधित विभाग या जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा रेत के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर रोक लगाने कारगर उपाय नहीं किए गए । रेत के अवैध उत्खनन पर रोक लगाने में अक्षम एस डी एम टी सी अग्रवाल द्वारा तहसील क्षेत्र के जोंकनदी से रेत के अवैध उत्खनन के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंचों को पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 40 के तहत पद से पृथक करने का नोटिस थमा दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार एस डी एम ने अपने कार्यालयीन पत्र क्र / 2965 / से 2971 / अ वि अ / वाचक / 2020 दिनांक 01 –  10 – 2020 के द्वारा क्रमशः शंकरलाल कैवर्त्य कोट ( रा ) , श्रीमती रामेश्वरी साहू हसुवा , जोईश चौहान डेराडीह तथा श्रीमती निधि सिंह बलौदा सभी सरपंच को रेत के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर रोक लगाने में नाकाम साबित होने के कारण लोकहित में पद से पृथक किए जाने का नोटिस जारी कर 5 दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है । एस डी एम द्वारा नोटिस जारी किए जाने से सरपंचों में आक्रोश व्याप्त है । सरपंचों का कहना है कि रेत के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर रोक लगाना खनिज विभाग या जिला प्रशासन का है न कि सरपंचों का क्योंकि पंचायतों राज व्यवस्था के तहत ग्राम पंचायतों को प्राप्त रेत खनन के मामले शासन द्वारा ग्राम पंचायतों से छीनकर अपने हाथ में ले लिया गया है ।पहले शासन द्वारा रेत उत्खनन के लिए क्षेत्रफल के अनुसार ग्राम पंचायत ,जनपद या जिला पंचायत को ठेका या नीलाम करने का अधिकार प्राप्त था जिसे वापस ले लिया गया है ऐसे में सरपंच किस हक से रोक लगा सकते हैं ।

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