केशकाल। छत्तीसगढ़ स्कूल मधान्ह भोजन रसोईया कल्याण संघ छ.ग. द्वारा 16 जून 2020 से मानदेय को लेकर प्रेस विज्ञिप्ति जारी करते हुये संघ प्रदेश
अध्यक्ष रामराज कश्यप ने कहा कि राज्य शासन के द्वारा रसोईया को स्कूल जब तक बंद रहेगा तब तक मानदेय देने की आदेश दिया है । 5 माह होने वाला है अभी तक एक भी माह का मानदेय नहीं मिला है आय दिन रसोईया कर्मचारी बीईओ आफिस ,ग्रामीण बैंक का चक्कर लगा रहे है ।
इस साल की कोरोना महामारी में घर से बाहर निकलना मना है, फिर भी रसोईया कर्मचारी 25/30 किमी का सफर करके बीईओ आफिस पहॅुचकर मानेदय की जानकारी ले रहे है जमा नहीं होने की जवाब मिलने से हताश निराश होकर घर लौटने मजबूर है। रसोईया की एक दिन की मजदूरी
राशि 40 रू. है, माह में 1200 रू. दिया जा रहा है, वह भी 4 से 5 माह तक राशि नहीं मिलता है इस स्थिति में रसोईया अपने आप को किस ढंग से चलाता
है। यह सोचने वाली बात है। 2019 की पहली बजट में राज्य सरकार ने प्रति माह 300 रू. देने की बात कही और उस बात को बजट में शामिल भी किया गया आज 2 साल हो गया राज्य शासन द्वारा बढाया हुआ 300 रू. भी नहीं दिया जा रहा है।
प्रेस को जानकारी देते हुए छ.ग. स्कूल मध्यान्ह भोजन रसोईया संघ के प्रांताध्यक्ष रामराज कश्यप ने कहा कि रसोईया संघ के समस्या को लेकर कई बार मुख्यमंत्री जी से भेट कर मानदेय में वृद्धि एवं रसोईया की
परेशानियों को दूर करने की कोशिश करने का प्रयास किया है। राज्य सरकार के द्वारा रसोईया के हित में कोई भी कार्यवाही नहीं किया गया। तथा मध्यान्ह
भोजन संघ को राज्य सरकार द्वारा किये गये वादा को जल्द से जल्द पूरा किये जाने की मांग किया है। मांग पूरा नहीं होने पर लाॅकडाउन खुलते ही रसोईया
फिर से अपना मांग को रखने के तैयार है। यह जानकारी प्रातध्यक्ष रामराज कश्यप छ.ग. स्कूल मध्यान्ह भोजन रसोईया संघ छ.ग. ने दी है।
