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कोरोना सघन सामुदायिक सर्वे अभियान शुरू, सर्वे के लिए 3,249 टीम गठित, जांच के लिए 267 सेंटर तथा 218 टीम 

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राजकुमार साहू/ जांजगीर-चांपा : कलेक्टर यशवंत कुमार के मार्गदर्शन में कोरोना सघन सामुदायिक सर्वे अभियान के अंतर्गत आज से स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा घर-घर जाकर कोविड-19 के लक्षणात्मक मरीजों की पहचान का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। अभियान के तहत 12 अक्टूबर तक सर्वे का काम पूरा कर लिया जाएगा। सर्वे के लिए ग्रामीण और शहरी इलाकों में मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं, बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के मैदानी अमले की ड्यूटी लगाई गई है। अभियान के लिए गठित सर्वे दल क्षेत्रवार घरों में भ्रमण कर कोरोना संक्रमण के लक्षण वाले लोगों की जानकारी ली जा रही है। जानकारी के आधार पर खंड चिकित्सा अधिकारी द्वारा इनकी जांच की व्यवस्था की गई है। सर्वे के लिए 3,249 टीम गठित की गई है जिसमें 6,498 सदस्य हैं। सीएमएचओ कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सर्वे के लिए कुल 3,249 टीम गठित की गई है। इसमे 6,498 सदस्यों को शामिल किया गया है।  कोविड-19 संक्रमण की जांच के लिए 267 सेंटर तथा 218 टीम का गठन किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी सर्वे दलों को अभियान के दौरान कोरोना संक्रमण से बचने के सभी उपायों और प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।  अभियान के तहत घर-घर जाकर सघन सामुदायिक सर्वे कर कोविड-19 के सभी मरीजों की जल्द से जल्द पहचान कर त्वरित उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार विकासखण्ड अकलतरा मे 423 सर्वे टीम और 38 टेस्टिंग सेंटर की व्यवस्था की गई है। इसी प्रकार विकासखण्ड बलौदा मे 408 सर्वे टीम, 33 टेस्टिंग सेटर, पामगढ़ मे 426 सर्वे टीम, 27 टेस्टिंग सेटर, नवागढ़ मे 441 सर्वे टीम, 48 टेस्टिंग सेटर, बम्हनीडीह मे 104 सर्वे टीम, 30 टेस्टिंग सेटर, सक्ती मे 379 सर्वे टीम, 09 टेस्टिंग सेटर, जैजैपुर मे 398 सर्वे टीम, 30 टेस्टिंग सेटर, मालखरौदा मे 265 सर्वे टीम, 46 टेस्टिंग सेटर और डभरा मे 405 सर्वे टीम, 06 टेस्टिंग सेंटर बनाए गए  हैं। लक्षण वाले व्यक्तियों को संदिग्ध मरीजों की श्रेणी में रखा जाएगा ।  बुखार, सर्दी, खांसी, सांस लेने में तकलीफ, बदन दर्द, दस्त तथा उल्टी, सूंघने या स्वाद की क्षमता घटने जैसे लक्षणों वाले व्यक्तियों को संदिग्ध मरीजों की श्रेणी में रखा जाएगा। कोरोना के संदिग्ध मरीजों की संख्या ज्यादा होने पर प्राथमिकता के आधार पर उच्च जोखिम समूहों की पहले जांच की जाएगी। 60 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं, पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, किडनी रोग, कैंसर, टी.बी., सिकलसेल एवं एड्स के पीड़ितों को उच्च जोखिम वर्ग में शामिल किया गया है। उच्च जोखिम समूह के लक्षणात्मक व्यक्तियों की रैपिड एंटीजन जांच रिपोर्ट निगेटिव आने पर ऐसे सभी व्यक्तियों के सैंपल की आरटीपीसीआर जांच करवाई जाएगी।
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