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न्यूज चैनल पर अमिताब बच्चन ने लिया सीएम भूपेश बघेल का इंटरव्यू, स्वास्थ्य, स्वच्छता व पर्यावरण के मुद्दे पर हुई बात

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रायपुर। एक राष्ट्रीय न्यूज चैनल पर एक्टर अमिताभ बच्चन को दिए इंटरव्यू में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि वे अब लॉकडाउन के पक्ष में नहीं हैं। इसके साथ ही अन्य कई मुद्दों पर बात की। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अब लॉकडाउन के पक्ष में नहीं है। कोरोना संक्रमण के बढ़ते केसों को अब लोगों की मदद और स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों से रोका जाएगा। कहा, लॉकडाउन खुलने के बाद संक्रमण बढ़ा है, लेकिन अब वे फिर से बंद के पक्ष में नहीं हैं। मुख्यमंत्री बघेल शुक्रवार को एक्टर अमिताभ बच्चन को इंटरव्यू दे रहे थे। एनडीटीवी के कार्यक्रम में अमिताभ बच्चन ने उनसे पूछा कि लॉकडाउन खुलने के बाद छत्तीसगढ़ में 300 फीसदी कोरोना के मरीज बढ़े हैं। इसका कारण क्या है? इस पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया कि लॉकडाउन के समय सरकार ने कई कदम उठाए। राज्य की सीमाएं सील की गई। जो विदेशों से आए उनकी पहचान की। इससे संक्रमित 3 फीसदी पर ले आए। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा, छत्तीसगढ़ की सीमा 7 राज्यों से जुड़ी हुई है। बहुत बड़ा इलाका नक्सल से प्रभावित है। लॉकडाउन खुलने के बाद बाहर से लोग आए। ट्रेन, बस और फ्लाइट शुरू हुई। जवान भी लौटे। इससे संक्रमण बढ़ा। हालांकि वे अब लॉकडाउन के पक्ष में नहीं हैं। कहा, लोग अस्पताल में अकेला महसूस करते हैं। परिजन भी मरीजों से मिल नहीं सकते। मुख्यमंत्री ने बताया कि इसे देखते हुए होम आइसोलेशन की शुरुआत की है। इसका लाभ लोग ले रहे हैं। जिन लोगों को पहले से कोई बीमारी नहीं है, वे परिवार के साथ रहकर स्वस्थ हो रहे हैं। इनकी बड़ी संख्या है। हम घर-घर दवाइयां बांट रहे हैं। कॉल सेंटर के जरिए डॉक्टर लगातार संपर्क में हैं। उनको सही सुझाव दे रहे हैं। हमारे यहां संक्रमित की संख्या 31 हजार है। इसके बाद अमिताभ बच्चन ने छत्तीसगढ़ के स्वच्छता अभियान सफलता को लेकर सवाल किया। इस पर मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वच्छता, स्वास्थ्य और पर्यावरण तीनों एक साथ जुड़े हैं। छत्तीसगढ़ में 10 हजार महिला समूह लगातार काम कर रही हैं। हम 16 हजार टन कचरे का रोज निपटारा करते हैं। इसी सफाई व्यवस्था के चलते देश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने बताया कि स्वच्छता के लिए नरवा, गरवा, घुरवा व बाड़ी, गोधन और स्वच्छ दीक्षा योजना शुरू की है। दीक्षा योजना के तहत कई राज्य और नेपाल व भूटान की टीम ने भी प्रशिक्षण लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा, पेट्रोल-डीजल के अनावश्यक खर्च को बचाने के लिए ई-रिक्शा से कचरे का परिवहन किया जा रहा है। अब तक 11 लाख क्विंटल गोबर एकत्र किया गया और 20 लाख की राशि का भुगतान हुआ है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 44 त्न जंगल है। देश को ऑक्सीजन देने में इसका 17 फीसदी योगदान है। पौधरोपण में फलदार पेड़ों को बढ़ावा दे रहे हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आय के साधन मिलेगा। पहले राज्य में 37.7 प्रतिशत (5 लाख) बच्चे कुपोषित थे। पिछले साल गांधी जयंती पर सुपोषण योजना की शुरुआत की। इससे 68 हजार बच्चे बाहर आ गए। हाट बाजार क्लीनिक योजना शुरू की है।

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