- सभी कोरोना मरीजों का हो मुफ्त उपचार – जेसीसी
- निजी अस्पतालों को मिली छूट, जनता गई लूट, दोषियों पर आपदा प्रबंधन अधिनियम, भादवि सहित विधि सम्मत कार्यवाही हो
- 90 हजार कोरोना मरीज और 700 मौत के बाद जागी सरकार, अब निजी अस्पतालों को अल्टीमेटम
- राजधानी में स्वास्थ्य सुविधा का भी हो गया है लॉक डाउन
- न बेड बचा, न वेंटिलेटर, श्मशान में भी अंतिम संस्कार के लिए नहीं मिल रहा जगह
- सरकार की अदूरदर्शिता सोच का खामियाजा भुगत रही है जनता
रायपुर : जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष श्री अमित जोगी ने कहा राज्य में बीते 6 माह में अब तक 90,000 कोरोना संक्रमित मरीज और 700 लोगों की मृत्यु के बाद सरकार अब कुम्भकर्णीय नींद से जागी है और निजी अस्पतालों को अल्टीमेटम देते हुए कोरोना मरीजों से मनमानी शुल्क लेने पर है ईलाज की अनुमति के साथ ही लाइसेंस तक रद्द करने का आदेश जारी किया है। अमित जोगी ने कहा सरकार अगर पहले ही जाग जाती तो शायद आज जनता इस तरीके से लूटी नहीं जाती और ना ही 90,000 लोग संक्रमित होते और ना ही 700 लोगों की मौत हो जाती। COVID 19 मामले में सरकार की अदूरदर्शिता सोच का खामियाजा आज प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ रहा है। अमित जोगी ने कहा राजधानी में लॉकडाउन के साथ स्वास्थ्य सुविधा भी लॉक डाउन हो गया है। लोग कहीं इलाज के लिए भटक रहे हैं, तो कहीं बेड और वेंटिलेटर नहीं मिल रहा है यहां तक श्मशान घाट में अंतिम संस्कार के लिए भी जगह नहीं मिल रही है इसका जिम्मेदार आखिर कौन है ? अमित जोगी ने वैश्विक महामारी कोरोना मामले में राज्य सरकार से तत्काल ” एक बीमार – एक उपचार ” वाली नीति लागू करने की मांग करते है कहा अमीर हो या गरीब, सेठ ,साहूकार, व्यापारी हो या फिर मजदूर, किसान सभी कोरोना मरीजों का “एक बीमार – एक उपचार” की नीति से सभी कोरोना मरीजों का मुफ्त में उचित इलाज हो, इलाज के नाम पर उनको लुटा न जाए यदि ऐसा कोई करता है तो उस पर आपदा प्रबंधन अधिनियम, भारतीय दंड संहिता की धारा सहित विधि सम्मत कार्यवाही किया जाए।

