खरसिया : वेदांता वासरी से रूक्मणी पावर कोयला ले जा रही तीन टेªलरों को खरसिया पुलिस ने जप्त किया है, बताया जा रहा है कि उक्त कोयला कुनकुनी के पास स्थित वेदांता कोल साईड़िग से रूक्मणी पाॅवर प्लान्ट ले जाया जा रहा था, मौके पर पुलिस को कोयले के संबंध मे कोई भी दस्तावेज नही मिले जिससे चोरी का कोयला होने की आषंका व्यक्त की जा रही है। विदित हो कि मंगलवार बुधवार की दरमियानी रात लगभग 2 बजे पंचमुखी मंदिर के बगल वाली सड़क से रूक्मणी पाॅवर प्लान्ट जा रही कोयला लोड़ 3 ट्रेलरों की जांच करने पर कोयले से संबंधित कोई भी दस्तावेज नहीं मिले जिस पर तीनों गाड़ियों को खरसिया थाना लाकर जांच किया जा रहा है। पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार तीनों गाड़िया खरसिया के लोकल ट्रांसपोर्टर की बतायी जा रही है, बहरहाल खरसिया पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कैसे खेला जाता है खेल
कोयला चोरी का यह खुला खेल कई दिनों से खेला जा रहा हैै, रायगढ़ जिले में भी व्यापक स्तर पर खेले जा रहे इस खेेल के खिलाड़ियों पर कार्यवाही भी की जा चुकी है। माना कि एक रेक में चार हजार टन कोयला आया उसमें से तीन हजार टन कोयले में एक हजार टन चारकोल मिला दिया जाता है, और जिस प्लान्ट का कोयला था उसे चारकोल मिक्स चार हजार टन कोयला भेज दिया जाता है बाकि बचा षुद्व एक हजार टन कोयला अपने घर की संपत्ति हो जाती है, जिसे जब चाहे जहां चाहे विक्रय कर दिया जाता है।
गाड़ियों में नही मिला अभिवहन पास
कोयला लोड़ होने के बाद जब तक उस गाड़ी में लदे कोयले का अभिवहन पास जारी नही हो जाता उस गाड़ी को माइंस अथवा वासरी से बाहर नहीं निकाला जा सकता, एैसे में इन तीनों गाड़ियो ंमें कोयले से संबंधित कोई दस्तावेज न पाया जाना उक्त कोयले को चोरी का माल सिद्व करने के लिये पर्याप्त है, वहीं गाड़ियों को देखने से प्रतीत होता है कि उक्त तीनों गाड़ियों में क्षमता से अधिक कोयला लदा हुआ है, एैसे में पुलिस इन गाड़ियों तथा उसके मालिकों पर क्या कार्यवाही करती है यह देखना दिलचस्प होगा।
भूसा आधारित प्लान्ट है रूक्मणी
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार गाड़ियो ंमें लदे कोयले को वेदांता से रूक्मणी पावर ले जाना बताते हुये उपरोक्त संबंध में दस्तावेज प्रस्तुत कर मामले को सेट करने का प्रयास किया जा रहा है, यहां यह बताना लाजिमी होगा कि जिस पावर प्लान्ट में कोयला ले जाना बताया जा रहा है वह भूसा आधारित प्लान्ट है जिसमें कोयले का प्रयोग नही किया जा सकता, खैर पुलिस के पास जांच के कई पहलू हैं जैसे गाड़ियों में दस्तावेज मौजूद क्यों नही थे, अगर चोरी का माल नहीं था तो दस्तावेज मांगे जाने पर सभी गाड़ियों के ड्राईवर गाड़ी छ़ोड़कर क्यों भागे, ओव्हरलोड़ माल क्यों था, कहां का माल था और कहां ले जाया जा रहा था, इसक अलावा अनेक एैसे पहलू सामने आ सकते है अगर पुलिस और माईनिंग विभाग की टीम संयुक्त रूप से मामले की सही तरीके से जांच करे।
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